
बारां. जिले में मेगा हाइवे पर साड़ी के पल्लू ने मां की जान ले ली और तीन साल की मासूम बेटी लहुलूहान हो गई। मां-बेटी को खून से लथपथ देख राहगीरों के आंखों से भी आंसू छलक पड़े। झालावाड़ रोड मेगा हाइवे पर रविवार दोपहर bike के पहिए में साड़ी का पल्लू उलझने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई तथा उसकी करीब तीन वर्षीय पुत्री घायल हो गई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। सदर थाना पुलिस ने बताया कि शहर के शाहाबाद दरवाजा क्षेत्र निवासी राधिका नामा, उसके पति प्रेमचन्द नामा के साथ मोटरसाइकिल से भैरूजी की पूजा करने चौकी बोरदा जा रही थी।
इसी दौरान धोलाकुंआ के समीप bike के पहिए में साड़ी का पल्लू उलझ उलझने से वह तथा गोद में मौजूद उसकी पुत्री गिरकर घायल हो गई। दोनों घायलों को जिला चिकित्सालय लाया गया। जांच के बाद राधिका को मृत घोषित कर दिया तथा उसकी करीब साढ़े तीन वर्षीय पुत्री को एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया है।
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बीच रोड पर लगी भीड़
बीच रोड पर हादसा होने से सड़क पर यातायात जाम हो गया और लोगों की भीड़ जमा हो गई। महिला के गले में फंदा लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी मासूम बेटी गोद से उछलकर सड़क पर जा गिरी। सिर में गंभीर चोट लगने से वह गंभीर घायल हो गई। जिसे राहगीरों ने बारां अस्पताल में भर्ती कराया। लोगों ने बताया कि हादसा इतना दर्दनाक था कि जिसने भी मां-बेटी को लहुलूहान हालत में देखा तो आंखों में आंसू निकल पड़े।
बाइक पर बैठने से पहले साड़ी का पल्लु और चुनरी का रखे ध्यान
अक्सर महिलाएं बाइक पर सवार होने के दौरान साड़ी का पल्लू व सूट की चुनरी का ध्यान नहीं रख पाते। यह छोटी सी बात को नजरअंदाज करना मौत को दावत देना जैसा है। कई बार पल्लू व चुनरी बाइक के चलती बाइक के टायर में फंस जाती है। इससे गले में फंदा लगने व बैलेंस बिगडऩे से बाइक चालक व सवार सड़क पर गिरकर गंभीर घायल हो जाते हैं। महिलाओं को बाइक पर बैठने से पहले साड़ी व सूट की चुनरी का ध्यान जरूर रखना चाहिए।