दिल्ली से लखीमपुर लौट रहे यात्रियों की बस तड़के पीलीभीत-पूरनपुर हाईवे पर खाई में पलट गई। हादसे में 15 से ज्यादा लोग घायल हो गए। जबकि तीन यात्रियों के पैर कट गए। आखिर कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा?
दिल्ली से लखीमपुर और बहराइच लौट रहे यात्रियों की बस सोमवार तड़के पीलीभीत-पूरनपुर हाईवे पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। अचानक हुए इस हादसे से बस में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। हादसे में 15 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनमें तीन लोगों के पैर तक कट गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सोमवार तड़के पीलीभीत जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां पलभर में चिंता में बदल दीं। दिल्ली से लखीमपुर और बहराइच के अलग-अलग गांवों के करीब 35 से 40 यात्रियों को लेकर एक निजी ट्रैवल कंपनी की बस अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। अधिकतर यात्री रातभर का सफर तय कर घर पहुंचने की उम्मीद में बैठे थे। लेकिन रास्ते में ही एक बड़ा हादसा हो गया।
जानकारी के अनुसार, करीब साढ़े तीन बजे बस पीलीभीत-पूरनपुर हाईवे पर गजरौला थाना क्षेत्र के गांव कैंच के पास पहुंची ही थी कि अचानक चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका। तेज रफ्तार बस सड़क किनारे खाई में पलट गई। बस पलटते ही अंदर बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ मदद के लिए चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
कुछ यात्री किसी तरह टूटे शीशों और मुड़े हुए दरवाजों के बीच से बाहर निकल आए। उन्होंने हिम्मत जुटाकर अंदर फंसे घायलों को बाहर निकालना शुरू किया। इसी दौरान किसी ने घटना की सूचना पुलिस को दे दी। खबर मिलते ही गजरौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भिजवाया।
हादसे में पारुल (25) पत्नी दीपक निवासी बहराइच, बानो (50) पत्नी तस्सुन, चार वर्षीय दृष्टि पुत्री दुखहरण, नेपाल निवासी लक्ष्मी, लखीमपुर खीरी के सनी (18) और अजय पुत्र जय भगवान समेत करीब 15 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें तीन यात्रियों के पैर कट जाने की बात भी सामने आई है। जबकि कई अन्य को गहरी चोटें आई हैं।
घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। कुछ यात्रियों का आरोप है कि बस चालक नशे में था। जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।