लखीमपुर खेरी

Dudhawa National Park: लखीमपुर में बाघों की सुरक्षा के लिए विशेष RRF टीम गठित, वन विभाग ने कसी कमर

UP Wildlife: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में बाघों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए रैपिड रिस्पांस फोर्स (RRF) टीम का गठन किया गया है। यह टीम बाघों की निगरानी, शिकार रोकथाम, और मानव-पशु संघर्ष को कम करने के लिए 24x7 सक्रिय रहेगी। वन विभाग ने इस पहल को बड़ा कदम बताया है।

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बाघों की सुरक्षा के लिए RRF टीम गठित, वन विभाग सतर्क

Dudhwa Tiger Reserve: लखीमपुर खीरी जो उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा वन क्षेत्र है और दुधवा टाइगर रिजर्व (DTR) का हिस्सा है, वहां बाघों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने रैपिड रिस्पांस फोर्स (RRF) टीम का गठन किया है। यह टीम बाघों की रक्षा करने के साथ-साथ वन्यजीव अपराधों पर भी नजर रखेगी।

वन्यजीवों और मानव के बीच बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए सरकार ने दक्षिण वन प्रभाग में इस विशेष टीम का गठन किया है, जो आधुनिक उपकरणों से लैस होगी और 24x7 निगरानी करेगी।

RRF टीम क्यों बनाई गई?

लखीमपुर खीरी और आसपास के वन क्षेत्रों में बाघों की संख्या में वृद्धि हुई है। हालांकि, जंगलों के सिमटने और इंसानी बस्तियों के विस्तार के कारण बाघों और इंसानों के बीच टकराव के मामले भी बढ़े हैं।

बीते कुछ वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं:

  • बाघों का बस्तियों में घुसना और मवेशियों का शिकार करना।
  • शिकारियों द्वारा बाघों का शिकार और वन्यजीवों के अंगों की तस्करी।
  • बाघों के हमलों में इंसानों की मौतें।
  • इन्हीं समस्याओं से निपटने के लिए वन विभाग ने RRF टीम को प्रशिक्षित किया है, जो जरूरत पड़ने पर बाघों को सुरक्षित स्थान पर रेस्क्यू करने का काम करेगी।

RRF टीम की कार्यप्रणाली

  • RRF टीम को हाईटेक उपकरणों और विशेष प्रशिक्षण से लैस किया गया है।
  • ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल कर जंगलों की निगरानी की जाएगी।
  • रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए ट्रैंक्विलाइज़र गन और अन्य उपकरण दिए गए हैं।
  • वन्यजीव अपराधियों पर कार्रवाई करने के लिए टीम को पुलिस के साथ समन्वय करना होगा।

वन विभाग के अधिकारी आशीष तिवारी ने बताया कि "यह टीम बाघों की सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीणों को जागरूक करने का भी काम करेगी, जिससे टकराव की घटनाओं को कम किया जा सके।"

बाघों की सुरक्षा के लिए उठाए गए अन्य कदम

  • वन्यजीव कॉरिडोर की सुरक्षा – बाघों के प्राकृतिक आवासों की रक्षा के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
  • CCTV कैमरों की निगरानी – जंगलों में अवैध घुसपैठ और शिकार पर नजर रखने के लिए।
  • स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण – ग्रामीणों को बताया जाएगा कि बाघों के हमलों से कैसे बचा जाए।

उत्तर प्रदेश में बाघों की स्थिति

  • दुधवा टाइगर रिजर्व – उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है।
  • बाघों की संख्या में वृद्धि – हाल के वर्षों में बाघों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।
  • मानव-बाघ संघर्ष बढ़ा – जंगलों के कटने और इंसानों के दखल के कारण टकराव के मामले बढ़े हैं।

वन विभाग का कहना है कि RRF टीम का गठन उत्तर प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल बाघों की रक्षा होगी, बल्कि जंगलों में अवैध गतिविधियों पर भी लगाम लगेगी।

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