
स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर तंज कसा। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज
Swami Prasad Maurya On Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी पहुंचे पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अखिलेश यादव की PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति को लेकर सवाल खड़े किए हैं। दरअसल, अखिलेश यादव एक बार फिर 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए PDA पॉलिटिक्स को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश की इस रणनीति पर निशाना साधते हुए संकेत दिए कि वह आगामी विधानसभा चुनाव अपनी अलग राजनीतिक धारा और एजेंडे के साथ लड़ सकते हैं। उनके बयान से यह साफ झलकता है कि वह समाजवादी पार्टी से दूरी बनाए रखते हुए स्वतंत्र राजनीतिक रास्ता अपनाने की तैयारी में हैं।
यूपी विधानसभा चुनाव 2022 से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने भारतीय जनता पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा था। हालांकि, उस चुनाव में वह अपनी विधानसभा सीट बचाने में सफल नहीं हो सके थे। अब एक बार फिर उनके ताजा बयान ने प्रदेश की सियासत में हलचल बढ़ा दी है।
स्वामी प्रसाद मौर्य अब सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की PDA राजनीति के साथ-साथ उनकी पत्नी और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव को भी निशाने पर लेते नजर आ रहे हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य का कहना है कि अखिलेश यादव के लिए PDA में ‘D’ का मतलब कभी दलित होता है, तो कभी डिंपल।
मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव की PDA राजनीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का PDA “चूं-चूं का मुरब्बा” है। स्वामी प्रसाद मौर्य के मुताबिक, जो खुद PDA का सही अर्थ नहीं समझता, वह PDA की राजनीति की बात कैसे कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव PDA का मतलब अपनी सुविधा के अनुसार बदलते रहते हैं। कभी PDA में ‘P’ का अर्थ पिछड़ा बताया जाता है, तो कभी उसे पंडित से जोड़ दिया जाता है। इसी तरह ‘D’ को कभी दलित कहा जाता है, तो कभी डिंपल यादव से जोड़ दिया जाता है। स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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Published on:
02 Feb 2026 01:25 pm
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