Stress Management Tips: आजकल की तेज रफ्तार भरी जिंदगी में तनाव और चिंता आम हो गई है, लेकिन कुछ आसान और असरदार उपाय अपनाकर आप इसे काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं।
Stress Management Tips: भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव और एंग्जायटी अब एक फीलिंग नहीं बल्कि दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। हर उम्र का इंसान इससे परेशान नजर आता है, जैसे किसी को काम का प्रेशर होता है, किसी को रिश्तों की उलझनें, तो कोई करियर और भविष्य को लेकर चिंतित होता है। ऐसे में इंसान अंदर से काफी हैवी और स्ट्रेस फील करता है। लेकिन क्या इसका कोई हल भी है? तो जवाब है- हां, है। कुछ आसान और समझदारी भरे बदलाव अपने रूटीन में लाकर आप स्ट्रेस और चिंता को काफी हद तक दूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे 5 आसान लेकिन असरदार उपाय।
तनाव को कम करने का सबसे अच्छा और नेचुरल उपाय है, खुद को फिजिकली एक्टिव रखना। रोजाना 30 मिनट की अपनी पसंदीदा एक्टिविटी करें जैसे हल्की वॉक, डांस या योग। ये शरीर को एक्टिव रखता है और मूड को बेहतर करने में मदद करता है, क्योंकि इससे शरीर में एंडॉर्फिन नामक ‘हैप्पी हार्मोन’ रिलीज होता है, जिससे आप ज्यादा पॉजिटिव और एनर्जेटिक महसूस करते हैं।
आपका रोजाना का आहार सिर्फ शरीर नहीं बल्कि आपके मूड को भी प्रभावित करता है। ओमेगा-3 युक्त फूड जैसे अलसी, अखरोट और मछली दिमाग को शांत रखने में मदद करते हैं। वहीं मैग्नीशियम और बी-विटामिन से भरपूर फूड्स जैसे पालक, केला और बादाम तनाव को कम करने में असरदार साबित होते हैं। ज्यादा कैफीन, चीनी और जंक फूड से बचें और भरपूर पानी (कम से कम 8-10 गिलास) पिएं।
रात को समय पर सोना मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। हर दिन कम से कम 7-8 घंटे की गहरी नींद लें। साथ ही सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन टाइम कम करें ताकि दिमाग शांत हो सके और नींद बेहतर हो।
जब हम अपने मन की बात, डर या उलझनें कागज पर लिखते हैं, तो दिमाग हल्का महसूस करता है और सोचने में स्पष्टता आती है। रिसर्च बताती है कि रोजाना सिर्फ 10 मिनट की जर्नलिंग आपकी एंग्जायटी को कम करने और इमोशनल क्लैरिटी बढ़ाने में मदद करती है। यह एक आसान लेकिन असरदार मानसिक एक्सरसाइज है।
कभी-कभी अपनों से की गई एक सच्ची बात सबसे अच्छी थेरेपी बन जाती है। दोस्तों और परिवार से बातचीत करें, समय बिताएं। साथ ही, अपने शौक जैसे म्यूजिक, आर्ट, गार्डनिंग या किताब पढ़ना में समय बिताएं। ये सभी एक्टिविटीज आपकी सोच को पॉजिटिव बनाए रखने में मदद करती हैं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।