Horse Sleeping Facts: घोड़े अपनी विश्राम की आदतों को लेकर बहुत अलग होते हैं। दिन में औसतन 30 मिनट से 2 घंटे तक गहरी नींद लेते हैं, लेकिन इसके बावजूद वे फुर्तीले और सक्रिय रहते हैं। एक और दिलचस्प बात यह है कि घोड़े अक्सर खड़े होकर सोते हैं, जिससे उन्हें अचानक खड़े होने में आसानी होती है।
Horse Sleeping Facts: घोड़े अपनी विश्राम की आदतों को लेकर बहुत अलग होते हैं। दिन में औसतन 30 मिनट से 2 घंटे तक ही सोते हैं, लेकिन इसके बावजूद वे फुर्तीले और सक्रिय रहते हैं। एक और दिलचस्प बात यह है कि घोड़े अक्सर खड़े होकर सोते हैं, जिससे उन्हें अचानक खड़े होने में आसानी होती है। यह उनके सुरक्षा तंत्र से जुड़ी एक स्वाभाविक आदत है, जो उन्हें शिकारी से बचने में मदद करती है। आइए जानते हैं कि घोड़े के सोने के तरीके के पीछे क्या कारण हैं और कैसे यह उनकी जिंदगी के लिए फायदेमंद होता है।
इंसानों की तरह लगातार 7–8 घंटे सोना घोड़ों की आदत नहीं।वे दिन-रात में छोटी-छोटी झपकियों के जरिए कुल मिलाकर 2.9 से 5 घंटे आराम कर लेते हैं।
हालांकि घोड़े खड़े-खड़े आराम कर लेते हैं, लेकिन गहरी REM नींद (जिसमें सपने आते हैं) के लिए उन्हें लेटना ही पड़ता है। दिन भर में वे आमतौर पर 30 मिनट से 2 घंटे ही जमीन पर लेटते हैं वह भी तब, जब माहौल पूरी तरह सुरक्षित हो। जैसे शांत अस्तबल में या तब, जब दूसरे घोड़े आसपास पहरा दे रहे हों।
अक्सर आपने घोड़ों को खड़े-खड़े ऊंघते देखा होगा आंखें आधी बंद, शरीर स्थिर। पहली नजर में यह अजीब लग सकता है, लेकिन असल में यह उनकी जिंदगी से जुड़ी एक बेहद समझदार आदत है। लाखों सालों में विकसित हुई यह आदत उन्हें खतरे से बचाए रखने में मदद करती है।
घोड़े मूल रूप से शिकार बनने वाले जानवर हैं। जंगल में ज़रा-सी चूक जान पर भारी पड़ सकती है। अगर कोई शिकारी पास आ जाए, तो लेटे हुए घोड़े को उठने में वक्त लगेगा और वही पल नुकसानदायक हो सकता है।इसीलिए खड़े रहकर झपकी लेना उन्हें तुरंत भागने का मौका देता है।
घोड़े बिना गिरे खड़े-खड़े सो कैसे लेते हैं? इसका जवाब है उनका “स्टे अपरेटस”। यह मांसपेशियों, टेंडन और लिगामेंट्स का ऐसा प्राकृतिक सिस्टम है जो पैरों को लॉक कर देता है।इसे आप शरीर का ऑटो-पायलट समझ सकते हैं कम मेहनत में संतुलन बनाए रखना।
जंगल में घोड़े हमेशा झुंड में रहते हैं। जब एक घोड़ा सोने के लिए लेटता है, तो दूसरा खड़ा होकर उसकी सुरक्षा करता है। यही आदत आज भी अस्तबलों में देखने को मिलती है। एक घोड़ा लेटकर आराम करता है, जबकि बाकी खड़े रहकर सतर्क रहते हैं।
घोड़े अगर लंबे समय तक जमीन पर लेटे रहें, तो यह उनकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। लगातार एक ही स्थिति में लेटे रहने से शरीर पर दबाव बढ़ता है, जिसका असर मांसपेशियों, फेफड़ों और नसों पर पड़ता है। इससे रक्त संचार में रुकावट, शरीर में असहजता और यहां तक कि पैरों में अस्थायी सुन्नपन भी महसूस हो सकता है। इसी कारण घोड़े बहुत कम समय के लिए ही लेटना पसंद करते हैं और अधिकतर खड़े होकर आराम करना उनके लिए ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक होता है।