लंबी उम्र सब जीना चाहते हैं लेकिन उसके लिए जिस मेहनत की आवश्यकता है वह कोई नहीं करना चाहता है। यदि आप लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करते हैं तो आप लंबी उम्र (long life) पा सकते हैं।
Long life : जीवन में अच्छी आदतों का होना जरूरी है। इससे आपका तन मन तो सही रहेगा ही साथ ही हेल्थ भी सही रहेगी। यदि आप फिट रहते हैं तो इससे आप लंबी उम्र (long life) जी सकते हैं। आज के समय में लोगों का खराब लाइफस्टाइल उनकी जीवनशैली को खराब कर रहा है। खराब लाइफस्टाइल के कारण लोग डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इन सभी कारणों से लोग स्ट्रेस और एंग्जायटी का शिकार हो रहे हैं। यदि आप में आदते खराब है तो इसका असर आपकी उम्र पर पड़ता है। लंबी उम्र जीने के लिए लाइफ में कुछ बदलावा जरूरी होते हैं।
वेबएमडी का मानना है कि जब आपकी उम्र बढ़ती है तो आपकी कोशिकाओं में मौजूद क्रोमोजोम का अंतिम सिरा छोटा होने लगता है। यदि यह छोटा होता है तो आपकी उम्र (long life) भी कम होती चजी जाती है। इस क्रिया को टेलीमीयर कहा जाता है। यह क्रिया सभी मे होती है लेकिन यदि जिस व्यक्ति का लाइफस्टाइल सही रहेगा सही खानपान रहेगा तो उसका टेलीमीयर लंबा रहेगा और वह छोटा होने में समय लेगा जिससे व्यक्ति की उम्र में बढ़ोतरी होगी।
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स्मोकिंग नहीं करें
स्मोकिंग करने वाले के लिए इसे छोड़ना इतना आसान नहीं होता है। लेकिन ब्रिटेन में 50 लोगों पर हुए शोध में ये पाया गया कि जिन लोगों ने 40 से कम उम्र में स्मोकिंग छोड़ उनकी उम्र में 9 साल की बढ़ोतरी देखने को मिली और जिन लोगों ने 50 की उम्र में इसे छोड़ा उनकी उम्र 6 साल बढ़ी, जिन लोगों ने इसे 60 साल की उम्र में छोड़ा उन लोगों की उम्र में 3 साल का इजाफा हुआ।
नींद पर ध्यान दे
शोध कहती है कि बेहतर नींद आपकी उम्र को बढ़ा सकती है। शोध में पाया गया है कि जो लोग रात के समय में अच्छी नींद लेते हैं उनमें 37 प्रतिशत हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है।
हेल्दी डाइट जरूरी
हेल्दी डाइट आपकी उम्र (long life) को बढ़ाने में अहम योगदान देती है। इसके लिए आपको अपनी डाइट में रंग बिरंगे फल, सब्जियां, अनाज, फिश आदि को शामिल करना जरूरी होता है। अच्छी डाइट आपको मेटाबॉलिक सिड्रॉम से बचाने, डायबिटीज, ओबेसिटी,बेसिटी, बीपी जैसी बीमारियों से बचाने में अहम योगदान देती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।