
Polar Night And Midnight Sun Countries | (फोटो सोर्स- GeminiAI)
Polar Night: क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि रात के 12 बज रहे हों और बाहर सूरज चमक रहा हो? या फिर दोपहर के 2 बजे हों और चारों तरफ गहरा अंधेरा छाया हो? सुनने में यह किसी साइंस फिक्शन फिल्म की कहानी लग सकती है, लेकिन हमारी पृथ्वी पर कुछ ऐसी जगह मौजूद हैं जहां कुदरत का यह अनोखा करिश्मा हर साल देखने को मिलता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में 'मिडनाइट सन' (Midnight Sun) और 'पोलर नाइट' (Polar Night) कहा जाता है। आइए जानते हैं कि आखिर ऐसा क्यों होता है और वो कौन से शहर हैं जहां घड़ी तो बदलती है, पर आसमान का रंग नहीं।
यह सब पृथ्वी के एक खास झुकाव की वजह से होता है। हमारी पृथ्वी सीधी नहीं बल्कि 23.5 डिग्री झुकी हुई है। जब पृथ्वी सूर्य के चक्कर लगाती है, तो इसके उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव (Poles) लंबे समय तक सूरज की तरफ झुके रहते हैं। इसी झुकाव के कारण ध्रुवों के पास वाले इलाकों में कई महीनों तक सूरज कभी अस्त नहीं होता, तो कभी हफ्तों तक उदय ही नहीं होता है।
यहां अप्रैल के लास्ट से लेकर अगस्त तक सूरज कभी नहीं डूबता। यहां के बच्चे आधी रात को भी फुटबॉल खेल सकते हैं क्योंकि बाहर दिन जैसा उजाला होता है। वहीं सर्दियों में यहां हफ्तों तक रात रहती है।
यहां मई से जुलाई के बीच 24 घंटे सूरज दिखता है। यहां के पक्षी भी कंफ्यूज हो जाते हैं और रात में भी चहचहाते रहते हैं। सर्दियों में यहां सूरज नहीं निकलता, बस आसमान में खूबसूरत गुलाबी और नीली रोशनी चमकती रहती है।
अमेरिका के इस शहर में मई से अगस्त तक (करीब 80 दिन) सूरज नहीं ढ़लता है। लेकिन सर्दियों में यहां के लोगों को लगातार 2 महीने तक अंधेरे में रहना पड़ता है।
यहां का नजारा सबसे अलग है। यहां साल में सिर्फ एक बार सूरज उगता है और एक बार डूबता है। यानी यहां 6 महीने का दिन और 6 महीने की रात होती है।
जब सूरज न डूबे या महीने भर न निकले, तो लाइफ थोड़ी मुश्किल हो जाती है। लेकिन यहां के लोगों ने इसका तोड़ निकाल लिया है।
नींद के लिए ब्लैकआउट पर्दे काम में लेते हैं। गर्मियों में जब सूरज 24 घंटे चमकता है, तो लोग घरों में बहुत मोटे काले पर्दे लगाते हैं ताकि कमरे में अंधेरा हो सकें और वे आराम से सो सकें।
सर्दियों में ब्राइट लैंप काम में लेते हैं। महीनों तक सूरज न निकलने पर लोग डिप्रेशन से बचने के लिए खास चमकदार रोशनी (Bright Lamps) का इस्तेमाल करते हैं, ताकि उन्हें दिन जैसा महसूस हो।
Published on:
03 Feb 2026 11:30 am

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