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“मौत अंतिम सच नहीं, विज्ञान से संभव है सेमी-इमॉर्टैलिटी”, मस्क ने कही हैरान करने वाली बात

एलन मस्क ने मौत को अंतिम सच मानने से इनकार कर दिया है। इस बारे में उन्होंने एक हैरान करने वाली बात भी कही है।

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भारत

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Tanay Mishra

Jan 12, 2026

Elon Musk

Elon Musk (Photo - Washington Post)

टेस्ला (Tesla), स्पेसएक्स (SpaceX) और एक्स/ट्विटर (X/Twitter) के सीईओ और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क (Elon Musk) अक्सर ही अलग-हटके बातें कहकर दुनिया को चौंका देते हैं। अब एक बार फिर मस्क ने एक ऐसी बात कही है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। मस्क का मानना है कि इंसानी मौत अंतिम सच नहीं, बल्कि विज्ञान के ज़रिए हल की जा सकने वाली एक 'बायोलॉजिकल समस्या' है।

विज्ञान से संभव है सेमी-इमॉर्टैलिटी

मस्क ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में कहा कि 'सेमी-इमॉर्टेलिटी' (अर्ध-अमरता) यानी एक अत्यंत लंबी और स्वस्थ जिंदगी पाना विज्ञान की मदद से संभव है। उनके अनुसार, उम्र बढ़ना एक समन्वित जैविक प्रोग्राम है जिसमें शरीर के सभी अंग एक साथ बूढ़े होते हैं। अगर इस प्रोग्राम को समझकर इसमें बदलाव किया जाए, तो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को नियंत्रित किया जा सकता है।

पूरी तरह अमर होना नुकसानदेह

मस्क ने यह भी कहा कि पूरी तरह अमर होना नुकसानदेह हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक की मदद से इंसान की उम्र बढ़ाना अब कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है। उन्होंने बताया कि सही वैज्ञानिक तरीकों से लोग ज़्यादा लंबी और स्वस्थ जिंदगी जी सकते हैं। मस्क के अलावा सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) और ब्रायन जॉनसन (Bryan Johnson) जैसे बड़े टेक दिग्गज भी एंटी-एजिंग और दीर्घायु से जुड़ी रिसर्च में भारी निवेश कर रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र में नई उम्मीदें पैदा हो रही हैं।