Nalpamaradi Tailam 3000 Years Old Oil: नालपामरादि तैलम त्वचा को चमका देगा, इस तरह का दावा सोशल मीडिया पर किया जा रहा है। नालपामरादि तैलम 3 हजार साल पुराना तेल है। इस दावे का सच जानने के लिए हमने आयुर्वेदिक डॉ. अर्जुन राज से बातचीत की।
Nalpamaradi Tailam 3000 Years Old Oil: नालपामरादि तैलम को लेकर सोशल मीडिया पर खूब दावा किया जा रहा है। इस तेल की कुछ बूंदे त्वचा को चमका देंगी, ग्लोइंग स्किन के लिए बेस्ट ऑयल…। साथ ही कहा जा रहा है कि नालपामरादि तैलम 3 हजार साल पुराना तेल है। इस दावे का सच जानने के लिए हमने आयुर्वेदिक डॉ. अर्जुन राज से बातचीत की। उन्होंने नालपामरादि तैलम के इतिहास (Nalpamaradi Tailam History) और तथ्य को लेकर देखिए क्या बताया है।
डॉ. राज ने इसके इतिहास को लेकर बताया, इस तेल का मूल संदर्भ और नुस्खा प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में मिलता है। केरल की आयुर्वेदिक परंपरा के ग्रंथ सहस्त्रयोगम (Sahasrayogam) में इसका जिक्र मिलता है। नालपामरादि तैलम का सबसे प्रामाणिक और विस्तृत विवरण इसी ग्रंथ में 'तैल प्रकरण' के अंतर्गत आप पढ़ सकते हैं।
इसके अलावा आपको अष्टांग हृदयम (Ashtanga Hridayam) में भी इसका वर्णन मिलता है। आचार्य वाग्भट द्वारा रचित इस ग्रंथ में भी उन 'चार दूधिया पेड़ों' (न्यग्रोध, उदुम्बर, अश्वत्थ और प्लक्ष) के गुणों का वर्णन है, जिन्हें 'नालपामरा' कहा जाता है और जो इस तेल का मुख्य आधार है। जर्नल ऑफ आयुर्वेद (JAIMS) पर भी इसके बारे में शोध पत्र प्रकाशित है।
इन्हीं चारों का मिश्रण है- नालपामरादि तैलम।
इसमें हल्दी, चंदन, आमला और चार विशिष्ट पेड़ों की छाल (नालपामरा) का उपयोग होता है। इसको लंबी प्रक्रिया के बाद तैयार किया जाता है। इसमें मिलाई जाने वाली चीजों और बनाने की गुणवत्ता पर निर्भर करता है कि ये कितना असरदार होगा।
धूप से हुई टैनिंग को हटाने और त्वचा की प्राकृतिक चमक वापस लाने में मदद करता है। इस आधार पर आप इसको गर्मी के दिनों में खुद को चमकाने के लिए कर सकते हैं। हल्दी के गुणों के कारण यह पिगमेंटेशन, काले धब्बों और मुंहासों के निशान कम करता है। इसके साथ ही ये एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर है, जो एंटी-एजिंग का काम करता है और त्वचा को जवां बनाए रखता है।
इस तेल को लगाने के बाद इसे 30 मिनट से 1 घंटे तक छोड़ दें और फिर किसी हल्के क्लींजर से धो लें। हालांकि, क्लींजर भी गुणवत्ता वाला होना चाहिए। केमिकल वाली चीजों से दूर रहें।
अंत में उन्होंने ये भी कहा कि अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है या आपको एलर्जी आदि की समस्या रहती है तो इस तेल का उपयोग विशेषज्ञ से राय लेकर ही करना सही होगा। अगर आपको अपनी स्किन टाइप पता है तो आप अपने रिस्क पर यूज कर सकते हैं।