Pet Friendly Wedding: शादी समारोह के दिनों में अपने प्यारे पेट को घर छोडऩे के दिन अब लद चुके हैं। अपने पेट को परिवार का अहम मानने वाले लोग शादियों में शामिल करना नहीं भूल रहे हैं। अब वे पेट ओनर नहीं, पेट पेरेंट्स कहलाना पसंद करते हैं।
Pet Friendly Wedding: शादी समारोह के दिनों में अपने प्यारे पेट को घर छोडऩे के दिन अब लद चुके हैं। अपने पेट को परिवार का अहम मानने वाले लोग शादियों में शामिल करना नहीं भूल रहे हैं। अब वे पेट ओनर नहीं, पेट पेरेंट्स कहलाना पसंद करते हैं। इन दिनों बहुत से भारतीय जोड़े पेट फ्रेंडली वेडिंग का चुनाव कर रहे हैं, ताकि उनका पेट भी खास दिन का हिस्सा बन सके। शादी का वैन्यू फाइनल करने से पहले वे इस बात की तस्दीक करना नहीं भूलते कि वेडिंग वेन्यू पैट फ्रेंडली है या नहीं।
वेडिंगवायर (Vendingwire india) इंडिया की रुमेला सेन बताती हैं कि टीयर 2 और 3 शहरों में ४७ फीसदी पेट पेरेंट्स हर महीने कम से कम 1500 से 3००० रुपए पैट पर खर्च करने लगे हैं। वहीं इंडिया इंटरनेशनल पेट ट्रेड फेयर के मुताबिक 2021 से 2026 के बीच भारतीय पैट बाजार का आकार 20 फीसदी सीएजीआर से बढऩे वाला है। यह 2026 तक १.३ बिलियन तक पहुंच जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 19 मि. पैट डॉग्स हैं। मिलती है पैट केयर सर्विस भी रुमेला के मुताबिक अब बहुत से वेडिंग वेन्यू ने पैट फ्रैंडली आवास, कैटरिंग विकल्प और यहां तक कि पैट केयर सर्विस भी देना शुरू कर दिया है।
टियर 1 शहरों प्लानर्स पैट ग्रूमिंग और पैट ट्रांसपोर्टेशन सर्विस मुहैया करवा रहे हैं। इसके अलावा अन्य पैट्स भी पैट फ्रेंडली वेडिंग में केवल डॉग्स ही नहीं होते। जिनके पास बिल्लियां, खरगोश और यहां कि तोते हैं, वे भी उन्हें वैन्यू में ला रहे हैं। पैट पेरेट्ंस कहते हैं कि जब उनका पैट साथ में होता है तो उन्हें किसी प्रकार की चिंता नहीं रहती।