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नाखून पीले क्यों पड़ते हैं? जानें उम्र से लेकर नेल पॉलिश और फंगल इंफेक्शन तक कारण 

Yellow Toenails: नाखून पीले होने के पीछे बढ़ती उम्र, नेल पॉलिश, फंगल इंफेक्शन और येलो नेल सिंड्रोम जैसे कौन कौन से कारण हो सकते हैं और कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आइए जानते हैं।
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Sep 03, 2026
Toenail Fungus, Yellow Nail Syndrome
Yellow Toenails क्यों होते हैं (representative image) image credit Magnific

Toenail Discoloration: स्वस्थ नाखून आमतौर पर साफ और चिकने दिखाई देते हैं। लेकिन कई बार पैरों के नाखून पीले पड़ने लगते हैं। इसके पीछे बढ़ती उम्र, नेल पॉलिश, फंगल इंफेक्शन या किसी स्वास्थ्य समस्या जैसे कई कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं नाखून पीले होने के पीछे क्या क्या कारण हो सकते हैं और क्या करना चाहिए।

बढ़ती उम्र से भी पीले हो सकते हैं नाखून

हेल्थलाइन (Healthline) के मुताबिक उम्र बढ़ने के साथ नाखूनों के रंग, मोटाई और आकार में बदलाव आना सामान्य है। उम्र बढ़ने पर नाखून ज्यादा पीले दिखाई दे सकते हैं। इसके साथ नाखूनों में भुरभुरापन और उनकी बनावट में बदलाव भी हो सकता है।

फंगल इंफेक्शन भी हो सकता है कारण

नाखूनों में होने वाले फंगल इंफेक्शन को ओनिकोमाइकोसिस कहा जाता है। इसमें नाखून पीले पड़ सकते हैं और उन पर पीले धब्बे या सफेद पैच दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में नाखून काले भी पड़ सकते हैं।

नेल पॉलिश से भी बदल सकता है नाखूनों का रंग

लगातार कॉस्मेटिक नेल प्रोडक्ट्स या नेल पॉलिश इस्तेमाल करने से नाखूनों का रंग लाल या पीला पड़ सकता है। हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार यह नेल कॉस्मेटिक्स के इस्तेमाल का एक आम साइड इफेक्ट हो सकता है। यह बदलाव आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होता और नेल पॉलिश पूरी तरह हटाने के बाद धीरे धीरे ठीक हो सकता है। कुछ समय के लिए नाखूनों पर नेल पॉलिश न लगाने से भी रंग सामान्य होने में मदद मिल सकती है।

येलो नेल सिंड्रोम

बहुत कम मामलों में पीले नाखून येलो नेल सिंड्रोम का संकेत हो सकते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार यह एक दुर्लभ बीमारी है। इसमें नाखून पीले, मोटे और मुड़े हुए हो सकते हैं। नाखून धीरे बढ़ सकते हैं या बढ़ना बंद कर सकते हैं।

विटामिन की कमी

विटामिन E की कमी से भी नाखून पीले पड़ सकते हैं। हालांकि, कई दूसरी विटामिन की कमी और स्वास्थ्य समस्याएं भी नाखूनों के रंग में बदलाव का कारण बन सकती हैं।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए

अगर नाखूनों का रंग पीला पड़ने के साथ उनकी मोटाई या आकार में बदलाव हो रहा है, दर्द या सूजन है, नाखून से खून आ रहा है या किसी तरह का डिस्चार्ज हो रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है। इसके अलावा अगर नाखूनों में बदलाव के कारण चलने या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी या असहजता हो रही है तो भी डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

नाखूनों की देखभाल कैसे करें

नाखूनों की सही देखभाल और नियमित निगरानी से नाखूनों की समस्याओं का खतरा कम किया जा सकता है। सही फिटिंग वाले जूते पहनें। नाखूनों को साफ नेल क्लिपर से सीधा काटें। पैरों और नाखूनों को साफ और सूखा रखें। पेडीक्योर करवाते समय ऐसे सैलून का चुनाव करें जहां ग्राहकों के बीच पानी बदला जाता हो और उपकरणों व स्टेशन को अच्छी तरह सैनिटाइज किया जाता हो। खेल या आउटडोर एक्टिविटी के बाद जूतों को अच्छी तरह हवा लगने दें और हमेशा साफ मोजे पहनें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
03 Sept 2026 04:29 pm
Published on:
03 Sept 2026 04:23 pm