रियल स्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में एलडीए और आवास एवं
विकास परिषद की आवासीय योजनाओं का पंजीकरण किया गया। सोमवार देर रात तक
पंजीकरण होता रहा। पांच दिनों में रेरा की वेबसाइट पर लखनऊ में करीब 200
आवासीय योजनाओं के प्रोजेक्ट पंजीकृत हो चुके हैं। एलडीए की छह और आवास
विकास की करीब 34 परियोजनाओं को पंजीकृत कराया गया है। रेरा में प्राधिकरण
और आवास विकास परिषद के पंजीकरण न कराने पर प्रमुख सचिव मुकुल सिंघल ने
आदेश जारी किए थे।
उन योजनाओं को पंजीकृत कराया गया है जो कि चल
रही हैं और कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं लिया है। रेरा में सोमवार तक पंजीकरण
कराने का अंतिम दिन था। यूपी में रेरा प्रभावी ढंग से लागू हो गया है। इसके
लिए वेबसाइट पर भी शुरू कर दी गई है। यूपी में आवासीय व व्यावसायिक
योजनाओं को शुरू करने के लिए रेरा पर पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है।
प्रमुख सचिव आवास ने कहा है कि रेरा प्रावधानों के अनुसार प्रदेश के सभी
विकास प्राधिकरण तथा आवास विकास परिषद भी विकासकर्ता की श्रेणी में आते
हैं। इसलिए विकास प्राधिकरणों व आवास विकास प्राधिकरणों को भी रेरा में
अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। उनकी पुरानी योजनाएं यदि अभी अधूरी हैं
और कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ है, तो ऐसी योजनाओं के लिए रेरा में
पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
एलडीए की छह आवासीय योजनाओं में
पूर्वा अपार्टमेंट, फाल्गुनी, ऐशबाग अपार्टमेंट, जनेश्वर एन्क्लेव, स्मृति,
सरगम आदि योजनाएं तथा आवास विकास की वृंदावन योजना में कैलाश एन्क्लेव,
अरावली एन्क्लेव, आम्रपाली एन्क्लेव, गोमती एन्क्लेव, अलकनंदा, हिमामय
एन्क्लेव योजनाएं शामिल हैं।