
Manoj Tiwari fish controversy: image credit gemini
Manoj Tiwari fish controversy: हाल ही में भोजपुरी स्टार और बीजेपी नेता मनोज तिवारी अपने एक बयान को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में हैं। उन्होंने कहा था, "मैंने जो मछली खाई थी, वह बिना लहसुन-प्याज के बिल्कुल सात्विक तरीके से बनी थी। उसे मांसाहार से जोड़ना गलत है।" उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ सी आ गई है। हालांकि, इस चर्चा के बीच वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो यह जानकर हैरानी हो सकती है कि मछलियां वास्तव में शाकाहारी भी होती हैं। आइए आज के इस लेख में जानते हैं कि शाकाहारी मछलियां मांसाहारी मछलियों से कैसे अलग होती हैं।
इंसानों की तरह ही मछलियां भी अपनी डाइट के आधार पर बंटी होती हैं। कुछ मछलियां पूरी तरह से शाकाहारी (Herbivores) होती हैं, जो केवल पौधे और सब्जियां ही खाती हैं। इनमें पैकस (Pacus), सिल्वर डॉलर्स, फैरोवैलास और मॉलीज प्रमुख हैं। वहीं, कैटफिश जैसी मछलियां मिली-जुली डाइट लेना पसंद करती हैं, जिनमें सब्जियां भी शामिल होती हैं। दिलचस्प बात यह है कि जो लोग मांसाहार के शौकीन हैं, उन्हें अक्सर मांसाहारी मछलियों का स्वाद और खुशबू अधिक पसंद आती है। दूसरी ओर, शाकाहारी मछलियों को पालना सस्ता पड़ता है क्योंकि उनकी फूड चेन छोटी होती है और पालन-पोषण में खर्च कम आता है। यही कारण है कि मछली पालन करने वाले लोग अक्सर शाकाहारी प्रजातियों को पालना अधिक पसंद करते हैं।
मछलियों की डाइट के साथ-साथ उनके पानी का प्रकार भी मायने रखता है। अक्सर खाने वालों के मन में यह सवाल होता है कि मीठे पानी (Freshwater) की मछली बेहतर है या समुद्र के खारे पानी (Saltwater) की? स्वास्थ्य की दृष्टि से देखें तो दोनों ही तरह की मछलियां फायदेमंद होती हैं। हालांकि, खारे पानी की मछलियां आमतौर पर मीठे पानी की तुलना में अधिक स्वादिष्ट और फ्लेवरफुल मानी जाती हैं, जिससे लोग उन्हें अधिक प्राथमिकता देते हैं।
मछली में 35 से 45 प्रतिशत तक प्रोटीन पाया जाता है, जो शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसमें भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। अन्य मांसाहारी भोजन की तुलना में मछली में फैट की मात्रा काफी कम होती है, जिससे यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी सहायक है।
इसके अलावा, मछली का सेवन बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद है क्योंकि इसमें मौजूद ओमेगा-3 बालों की नमी बनाए रखता है, जिससे वे घने, काले और मजबूत होते हैं। मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी यह बेहद लाभदायक है, क्योंकि अवसाद या तनाव को कम करने के लिए डॉक्टर अक्सर ओमेगा-3 सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं, जो मछली में कुदरती तौर पर प्रचुर मात्रा में मिलता है।
Published on:
29 Apr 2026 04:04 pm
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