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Arvind Kejriwal: दिल्ली आबकारी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में कानूनी कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को फिर से नोटिस जारी किया है। यह नोटिस ईडी की उस अपील पर जारी हुआ है जिसमें निचली अदालत ने केजरीवाल को बरी किए जाने को चुनौती दी गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पहले भेजा गया नोटिस अभी तक तामील नहीं हुआ है, जिसके चलते दोबारा जवाब मांगा गया है।
दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि रजिस्ट्री के रिकॉर्ड के अनुसार, केजरीवाल को पहले जारी किया गया नोटिस अब तक सर्व नहीं हो सका है। इस स्थिति को देखते हुए अदालत ने एक बार फिर उन्हें नोटिस जारी कर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
ईडी की ओर से अदालत को बताया गया कि एक अप्रैल को केजरीवाल को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनकी ओर से कोई पेशी नहीं हुई। एजेंसी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने जानबूझकर जांच में शामिल होने से परहेज किया और समन की अवहेलना की। ईडी का यह भी कहना है कि केजरीवाल ने जांच से बचने के लिए बेबुनियाद आपत्तियां उठाईं और ऐसे कारण बताए, जिससे वे जांच प्रक्रिया में शामिल न हों।
मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को निर्धारित की गई है। इस दौरान अदालत केजरीवाल की प्रतिक्रिया और ईडी की दलीलों पर आगे विचार करेगी।
दिल्ली का आबकारी घोटाला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस केस में कई बड़े नाम पहले से जांच के दायरे में हैं। ऐसे में केजरीवाल को लेकर हाई कोर्ट की यह कार्रवाई आने वाले समय में मामले की दिशा तय कर सकती है।
Updated on:
29 Apr 2026 03:58 pm
Published on:
29 Apr 2026 03:58 pm
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