
लखनऊ. जिस तरह से शिवपाल यादव व अमर सिंह की भाजपा से नजदीकियां बढ़ती जा रही हैं, उससे तो यही लगता है कि आने वाले दिनों में शिवपाल और अमर सिंह भाजपा के लिए काफी मददगार साबित हो सकते हैं। कुछ दिन पहले ही शिवपाल यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी और अपने आईएएस दामाद की प्रतिनियुक्ति की अवधि कुछ सालों तक और बढ़ाने की सिफारिश की थी और सीएम योगी भी शिवपाल की बात मान ही गए, उन्होंने भी अजय सिंह यादव के डेपुटेशन की अवधि बढ़ाने की सिफारिश कर दी है।
वहीं पिछले दिनों राजधानी में आयोजित हुए इंवेस्टर्स समिट में मोदी ने खुले मंच से अमर सिंह का नाम लिया था। इससे तो यही लगता है कि अमर सिंह और शिवपाल यादव की भाजपा से बढ़ती नजदीकियां कहीं न कहीं कुछ और ही इसारा कर रही हैं।
अमर सिंह भी बीजेपी सरकार और मोदी के गुणगान कर रहे हैं। अमर सिंह सपा के कद्दावर नेता रहे हैं। अब भाजपा अमर सिंह को इतना महत्व दे रही है तो यह यूं ही नहीं है। 2019 में लोकसभा का चुनाव होने वाला है। अमर ंिसंह यह कह चुके हैं कि वे लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। यह अलग बात है, लेकिन वे भाजपा के लिए अगर बहुमत का आंकड़ा कम होता है तो उस आंकड़े को पूरा कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अमर सिंह ऐसे नेता हैं जिनके हर पार्टियों में कई करीबी हैं।
यूं ही नहीं भाजपा ने दिखाई है दरियादिली
जहां एक ओर भाजपा की योगी सरकार ने कन्नौज से सपा की सांसद और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव, आजम खां समेत कई नेताओं की सुरक्षा में कटौती किया था तो वहीं शिवपाल सिंह यादव और अमर सिंह को जेड श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई है। इसका मतलब निकाला जाए तो भाजपा इन दोनों को यूं ही नहीं इतना महत्व दे रही है। अब तो यह समय ही बताएगा कि शिवपाल और अमर सिंह भाजपा के लिए कितने फायदेमंद साबित हो सकते हैं।