लखनऊ

Promotion: यूपी में 35 पीसीएस अफसर बनेंगे आईएएस! 2010 से 2012 बैच के नामों पर मंथन शुरू

35 UP PCS Officers Likely to Get IAS Promotion: उत्तर प्रदेश के 35 पीसीएस अधिकारियों को जल्द आईएएस बनने का मौका मिल सकता है। केंद्र सरकार ने चयन वर्ष 2025 के लिए रिक्तियां घोषित कर पदोन्नति प्रक्रिया तेज कर दी है।

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May 08, 2026
चयन वर्ष 2025 के लिए केंद्र सरकार ने घोषित की रिक्तियां, यूपीएससी की निगरानी में होगी पदोन्नति प्रक्रिया (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Promotion PCS Officers: उत्तर प्रदेश के प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) अधिकारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य के 35 पीसीएस अधिकारियों को जल्द ही भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नति मिलने का अवसर मिल सकता है। केंद्र सरकार ने चयन वर्ष 2025 के लिए 35 आईएएस पदों की रिक्तियां घोषित कर दी हैं। इन पदों पर यूपी पीसीएस संवर्ग के योग्य अधिकारियों को पदोन्नत किया जाएगा।

इस संबंध में नियुक्ति विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है और संभावित अधिकारियों से उनका विस्तृत सेवा विवरण मांगा गया है। चयन प्रक्रिया संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की निगरानी में पूरी की जाएगी। अधिकारियों के रिकॉर्ड, सेवा अवधि, गोपनीय प्रविष्टियां और विभागीय जांच सहित कई पहलुओं की समीक्षा के बाद अंतिम चयन सूची जारी होगी।

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2010, 2011 और 2012 बैच के अधिकारियों पर फोकस

जानकारी के अनुसार इस बार चयन प्रक्रिया में मुख्य रूप से वर्ष 2010, 2011 और 2012 बैच के पीसीएस अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा।

  • वर्ष 2010 बैच में कुल 8 अधिकारी शामिल हैं
  • वर्ष 2011 बैच में 21 अधिकारी हैं
  • वर्ष 2012 बैच में 41 अधिकारी शामिल हैं

हालांकि नियुक्ति विभाग सूत्रों के अनुसार, यदि रिक्त पदों और पात्रता मानकों के अनुसार आवश्यकता हुई तो इससे पहले के कुछ बैचों के अधिकारियों के नाम भी विचाराधीन रखे जा सकते हैं। प्रशासनिक हलकों में इसे लंबे समय से प्रतीक्षित प्रक्रिया माना जा रहा है। कई अधिकारी वर्षों से आईएएस कैडर में पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे।

यूपीएससी की निगरानी में होगी पूरी प्रक्रिया

आईएएस पदोन्नति प्रक्रिया पूरी तरह से संघ लोक सेवा आयोग यानी संघ लोक सेवा आयोग की निगरानी में संपन्न कराई जाएगी। इसके तहत विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित होगी। नियमों के अनुसार प्रत्येक रिक्त पद के लिए तीन अधिकारियों के नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। यानी 35 पदों के लिए लगभग 105 अधिकारियों के नाम यूपीएससी को भेजे जा सकते हैं।

इन नामों की जांच के दौरान निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा-

  • सेवा रिकॉर्ड
  • ईमानदारी और कार्यशैली
  • गोपनीय प्रविष्टियां (ACR/APAR)
  • विभागीय जांच या लंबित मामले
  • प्रशासनिक अनुभव
  • वरिष्ठता और योग्यता

इन सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही अंतिम चयन सूची तैयार होगी।

नियुक्ति विभाग ने मांगा सेवा विवरण

उत्तर प्रदेश नियुक्ति विभाग ने संभावित अधिकारियों से विस्तृत सेवा विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें नियुक्ति तिथि, वर्तमान तैनाती, विभागीय उपलब्धियां, दंड या जांच संबंधी जानकारी और वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियों का विवरण शामिल होगा। सूत्रों के अनुसार विभाग इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना चाहता है ताकि चयन वर्ष 2025 की पदोन्नति सूची समय पर जारी हो सके।

पीसीएस से आईएएस बनना क्यों है खास

भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवाओं में मानी जाती है। आमतौर पर आईएएस अधिकारी दो तरीकों से बनते हैं-

  • संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा पास करके
  • राज्य सिविल सेवा यानी PCS से पदोन्नति के जरिए

पीसीएस अधिकारियों के लिए आईएएस कैडर में पदोन्नति न केवल सम्मान की बात होती है बल्कि प्रशासनिक अधिकार, जिम्मेदारी और कैडर स्तर पर भी बड़ा बदलाव लेकर आती है।आईएएस बनने के बाद अधिकारियों को केंद्र सरकार और राज्य सरकार के महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती का अवसर मिलता है। कई अधिकारी जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, सचिव और प्रमुख सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचते हैं।

लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे अधिकारी

प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि कई अधिकारी लंबे समय से आईएएस प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे। कुछ मामलों में विभागीय जांच, सेवा विवाद और रिक्तियों की कमी के कारण पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित हुई थी।

अब 35 पदों की रिक्ति घोषित होने के बाद अधिकारियों में उत्साह का माहौल है। कई अधिकारी अपने सेवा रिकॉर्ड को अंतिम रूप देने और दस्तावेजों को अपडेट करने में जुट गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीसीएस से आईएएस पदोन्नति प्रशासनिक सेवा में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिनी जाती है। इसके लिए अधिकारियों का पूरा करियर रिकॉर्ड देखा जाता है।

चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर

सरकार इस बार चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रखने पर जोर दे रही है। यही कारण है कि यूपीएससी की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संचालित की जाएगी। सूत्रों  का मानना है कि पारदर्शी पदोन्नति प्रक्रिया से प्रशासनिक व्यवस्था में विश्वास बढ़ता है और योग्य अधिकारियों को आगे आने का अवसर मिलता है। राज्य सरकार भी चाहती है कि अनुभवी और कुशल अधिकारियों को प्रशासनिक नेतृत्व में अधिक जिम्मेदारी दी जाए।

क्या होती है विभागीय पदोन्नति समिति (DPC)

विभागीय पदोन्नति समिति यानी DPC एक महत्वपूर्ण चयन समिति होती है, जो अधिकारियों की पदोन्नति पर निर्णय लेती है।

  • इस समिति में सामान्यतः-
  • यूपीएससी के प्रतिनिधिराज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारीकार्मिक विभाग के अधिकारीसंबंधित कैडर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी

शामिल होते हैं। समिति अधिकारियों की योग्यता और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर चयन की सिफारिश करती है। अंतिम अनुमोदन के बाद केंद्र सरकार पदोन्नति की अधिसूचना जारी करती है।

प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा अनुभव का लाभ

सूत्रों का कहना है कि पीसीएस अधिकारियों को आईएएस कैडर में पदोन्नत करने से प्रशासनिक व्यवस्था को जमीनी अनुभव का लाभ मिलता है। राज्य सेवा के अधिकारी वर्षों तक तहसील, जिला और मंडल स्तर पर काम करते हैं। उन्हें स्थानीय प्रशासन, कानून व्यवस्था, राजस्व, विकास योजनाओं और जन समस्याओं का व्यावहारिक अनुभव होता है। ऐसे अधिकारियों के आईएएस कैडर में आने से शासन व्यवस्था और अधिक मजबूत होती है।

पहले भी कई पीसीएस अफसर बने शीर्ष अधिकारी

उत्तर प्रदेश में कई ऐसे अधिकारी रहे हैं जिन्होंने पीसीएस से आईएएस बनने के बाद प्रशासनिक क्षेत्र में बड़ी पहचान बनाई। कई अधिकारियों ने जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, सचिव और प्रमुख सचिव जैसे अहम पदों पर रहते हुए महत्वपूर्ण योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया। यही वजह है कि पीसीएस अधिकारियों के लिए आईएएस पदोन्नति केवल कैडर परिवर्तन नहीं बल्कि करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में मानी जाती है।

दस्तावेज जांच के बाद जारी होगी अंतिम सूची

सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों से सेवा विवरण प्राप्त होने के बाद दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी। इसके बाद पात्र अधिकारियों की सूची यूपीएससी को भेजी जाएगी। यूपीएससी की मंजूरी के बाद विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक होगी और फिर अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले महीनों में यह प्रक्रिया पूरी हो सकती है।

प्रशासनिक हलकों में बढ़ी हलचल

35 आईएएस पदों की रिक्तियां घोषित होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। संभावित अधिकारियों के बीच चर्चाएं शुरू हो गई हैं और कई अधिकारी अपने रिकॉर्ड को लेकर सक्रिय हो गए हैं। राज्य सरकार भी इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है ताकि योग्य अधिकारियों को समय पर पदोन्नति मिल सके। अब सबकी निगाहें यूपीएससी और विभागीय पदोन्नति समिति की आगामी बैठक पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि किन पीसीएस अधिकारियों को देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा में शामिल होने का मौका मिलेगा।

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