लखनऊ

प्राइवेट अस्पतालों की लापरवाही ने ली 48 लोगों की जान, डीएम ने जारी किया नोटिस

लखनऊ के चार प्राइवेट अस्पतालों - चरक, चंदन, मेयो व अपोलो- पर आरोप है कि बीमारी का इलाज कराने आए मरीजों का इन अस्पतालों ने कोरोना (Coronavirus in UP) टेस्ट नहीं किया और जब किया तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

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Sep 23, 2020
Covid hospital

लखनऊ. कोरोना (Coronavirus in UP) से लड़ने के लिए कोविड तथा नॉन कोविड (Non covid hospitals) अस्पतालों को प्रोटोकॉल के तहत जांच व इलाज करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन प्राइवेट अस्पतालों द्वारा की कई अनदेखी 48 कोरोना (Covid 19) मरीजों को भारी पड़ गई। लखनऊ के चार प्राइवेट अस्पतालों - चरक, चंदन, मेयो व अपोलो- पर आरोप है कि बीमारी का इलाज कराने आए मरीजों का इन अस्पतालों ने कोरोना टेस्ट (Corona Test) नहीं किया और जब किया तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कोरोना जांच पॉजिटिव आई और तब जाकर उन्हें कोविड अस्पताल रिफर किया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने इन अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हालांकि अस्पतालों का कहना है कि मरीजों के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। नोटिस मिला है, जिसका जवाब दिया जाएगा। ग़ौरतलब है कि यूपी में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित शहर राजधानी लखनऊ ही है, जहां प्रतिदिन औसतन एक हजार मामले सामने आ रहे हैं। वहीं कोरोना से सर्वाधिक 602 मौतें भी यहीं पर हुई हैं। ऐसे में प्राइवेट अस्पतालों की कार्यशैली कहीं न कहीं अब घेरे में आती दिख रही हैं।

प्राइवेट अस्पतालों संक्रमितों को शिफ्ट करने में कर रहे देरी-
मंगलवार को मामला उजागर हुआ जिसमें बताया गया कि बीते दिनों चरक अस्पताल में 10, चंदन हॉस्पिटल में 11, अपोलो हॉस्पिटल में 17 और मेयो हॉस्पिटल में 10 कोरोना मरीज भर्ती किए। हालांकि भर्ती करते वक्त इनकी कोरोना जांच नहीं की गई, जिससे उसी दौरान यह बात उजागर नहीं हो पाई। बाद में इलाज के दौरान इन सभी मरीजों की मौत हो गई। प्रोटोकॉल के मुताबिक अस्पतालों में भर्ती होने के लिए आने वाले सभी मरीजों की कोरोना जांच अनिवार्य है। लेकिन शिकायतें मिल रही हैं कि उक्त चार के साथ कई और अन्य प्राइवेट अस्पताल बिना कोविड जांच के ही मरीजों को भर्ती कर ले रहे हैं। बाद में तबीयत बिगड़ने पर उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ रही है। इसके अलावा कई अस्पतालों में संक्रमितों को शिफ्ट करने में देरी के मामले भी सामने आ रहे हैं।

जिलाधिकारी का यह है कहना-

लखनऊ जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश का कहना है कि जिन चार प्राइवेट अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है, प्रथमदृष्टया उनके द्वारा कोविड मरीजों की जांच में लापरवाही की बात सामने आई है। अस्पतालों में प्रोटोकॉल के अनुरूप होल्डिंग एरिया न होने के कारण मरीजों को दिक्कतें हुईं। नोटिस जारी कर इन अस्पतालों से जवाब तलब किया गया है। उन्होंने कहा कि जवाब मिलने के बाद अस्पतालों पर कार्रवाई की जाएगी। नोटिस के मुताबिक, लापरवाही पाए जाने पर इन प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ ऐपिडेमिक ऐक्ट के तहत कार्रवाई भी होगी।

Published on:
23 Sept 2020 01:36 pm
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