लखनऊ

सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत को बड़ी राहत, 4 साल बाद वापस मिली कुर्क आलीशान कोठी

MP Afzal Ansari and Farhat Ansari Latest News: सपा सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी को लखनऊ के डालीबाग स्थित करीब 6700 वर्ग फीट की कुर्क संपत्ति वापस मिलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने सील हटाने और कब्जा सौंपने की कार्रवाई शुरू की है।
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Sep 02, 2026
MP Afzal Ansari
समाजवादी पार्टी सांसद अफजाल अंसारी। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

MP Afzal Ansari and Farhat Ansari Latest News: समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम दर्ज लखनऊ के पॉश डालीबाग इलाके स्थित आवासीय भूखंड और आलीशान कोठी को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। कोर्ट के आदेश के बाद गाजीपुर और लखनऊ जिला प्रशासन के समन्वय से सीलबंद संपत्ति को अवमुक्त कर फरहत अंसारी को कब्जा सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अफजाल अंसारी भी अपने परिवार और तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंचे हैं। प्रशासनिक और राजस्व विभाग की टीम की मौजूदगी में संपत्ति से जुड़ी कानूनी और राजस्व संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

तहसीलदार और राजस्व टीम मौके पर मौजूद

अदालत के निर्देश के तहत डालीबाग स्थित संपत्ति की सील हटाने और विधिवत कब्जा दिलाने के लिए प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है। अधिकारियों की मौजूदगी में सील खोलने से संबंधित पंचनामा तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही जमीन की पैमाइश और अन्य कागजी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद संपत्ति का वास्तविक दखल अंसारी परिवार को सौंपे जाने की कार्रवाई की जा रही है। अफजाल अंसारी अपने परिजनों के साथ मौके पर मौजूद हैं।

करीब 6700 वर्ग फीट में बनी है कोठी

डालीबाग स्थित यह आलीशान आवासीय कोठी करीब 6700 वर्ग फीट के भूखंड पर बनी हुई है। संपत्ति फरहत अंसारी के नाम दर्ज है। वर्ष 2022 में इस संपत्ति पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। गाजीपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश के बाद 23 से 28 अक्टूबर 2022 के बीच गाजीपुर पुलिस की टीम लखनऊ पहुंची थी। यहां उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत संपत्ति को कुर्क करने के साथ सील कर दिया गया था।

लखनऊ नगर आयुक्त को सौंपी गई थी निगरानी

संपत्ति की कुर्की और सीलिंग की कार्रवाई के बाद इस आवासीय भवन की देखरेख और प्रशासनिक निगरानी की जिम्मेदारी लखनऊ नगर आयुक्त को सौंपी गई थी। इसके बाद से यह संपत्ति प्रशासनिक निगरानी में रही। फरहत अंसारी ने कुर्की की कार्रवाई के खिलाफ अदालत का रुख किया और संपत्ति को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ी।

विशेष गैंगस्टर कोर्ट ने संपत्ति को लेकर दिया था फैसला

फरहत अंसारी की याचिका पर गाजीपुर की विशेष गैंगस्टर कोर्ट ने अप्रैल 2025 में फैसला सुनाया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि डालीबाग स्थित आवासीय मकान किसी गैंगस्टर गतिविधि या अपराध से अर्जित संपत्ति नहीं है। कोर्ट ने गाजीपुर के जिलाधिकारी को 30 दिनों के भीतर मकान की सील खुलवाकर फरहत अंसारी को संपत्ति वापस सौंपने का आदेश दिया था।

आदेश के बाद भी कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट पहुंचीं फरहत

निर्धारित समय सीमा में संपत्ति की सील नहीं खुलने के बाद फरहत अंसारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सी.डी. सिंह की एकल पीठ के समक्ष हुई। फरहत अंसारी की ओर से अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय* ने पक्ष रखा। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने डीएम गाजीपुर को पांच सप्ताह के भीतर सकारण आदेश पारित करने का निर्देश दिया।

गाजीपुर प्रशासन ने लखनऊ प्रशासन को भेजा पत्र

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद गाजीपुर जिला प्रशासन की ओर से लखनऊ नगर आयुक्त और तहसील प्रशासन को पत्र भेजा गया। इसमें डालीबाग स्थित संपत्ति की सील हटाने और उसे संबंधित पक्ष को वापस सौंपने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में अब तहसीलदार की मौजूदगी में संपत्ति की सील हटाने, जमीन और मकान की पैमाइश तथा जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बाद संपत्ति का कब्जा अफजाल अंसारी और उनके परिवार को सौंपने की प्रशासनिक कार्रवाई पूरी होगी।