लखनऊ

बुलंदशहर में आकाश आनंद की जनसभा: मायावती ने चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी क्यों सौंपी?

UP Assembly Elections 2027: बीएसपी दलित-बहुजन वोट बैंक को मजबूत करने पर जोर दे रही है। आकाश आनंद ने भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था और किसान मुद्दों को लेकर हमला बोला।
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Updated: 28 Oct 2026, 9:54 PM IST
Akash anand
आकाश आनंद। PC: @AnandAkash_BSP "X"

BSP Campaign 2027: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने 28 अक्टूबर 2026 को बुलंदशहर के अनूपशहर विधानसभा क्षेत्र के खालौर स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में अपनी पहली बड़ी जनसभा को संबोधित किया। यह जनसभा मायावती द्वारा उन्हें चुनाव प्रचार की बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद हुई।

बुलंदशहर जनसभा का राजनीतिक महत्व

28 अक्टूबर 2026 को अनूपशहर (खालौर) में हुई यह जनसभा आकाश आनंद की पार्टी में वापसी के बाद पहली प्रमुख जनसभा थी। इसे 2027 विधानसभा चुनाव की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से चुनावी शंखनाद फूंकते हुए बीएसपी ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट करने का प्रयास किया। हजारों कार्यकर्ता जमा हुए और पार्टी ने स्थानीय स्तर पर संगठन मजबूत करने का संदेश दिया।

मायावती ने जिम्मेदारी क्यों सौंपी?

मायावती ने आकाश आनंद की परिपक्वता और पार्टी को परिवार से ऊपर रखने की प्रशंसा की है। उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ की राजनीति से संन्यास लेने के बाद मायावती ने आकाश पर फिर से भरोसा जताया। युवा चेहरे के जरिए संगठन को मजबूत करने और युवा वोटर्स को जोड़ने की रणनीति के तहत उन्हें चुनाव प्रचार की कमान सौंपी गई। मायावती ने स्पष्ट कहा कि आकाश अब पूरी मेहनत से पार्टी हित में काम कर रहे हैं।

आकाश आनंद की वापसी की पूरी कहानी

सितंबर 2026 में मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था और बाद में पार्टी से भी अलग कर दिया। 2 अक्टूबर को आकाश ने सोशल मीडिया पर भावुक माफीनामा पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने मायावती को “बुआ मां” कहकर संबोधित किया और एक और मौका मांगा। 5 अक्टूबर को मायावती ने उन्हें दोबारा राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त कर दिया। यह उनकी तीसरी वापसी थी।

आकाश आनंद का बढ़ता राजनीतिक कद

राष्ट्रीय संयोजक के रूप में आकाश अब सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मायावती ने उनके लिए ताबड़तोड़ रैलियों का शेड्यूल जारी किया है- 28 अक्टूबर बुलंदशहर, 2 नवंबर सहारनपुर, 20 नवंबर अयोध्या, 22 नवंबर आगरा और 29 नवंबर कानपुर नगर। इसके अलावा पंजाब (संविधान दिवस) और उत्तराखंड (हरिद्वार) में भी कार्यक्रमों की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। बुलंदशहर जनसभा में उन्होंने मायावती से हुई बातचीत का भावुक किस्सा भी सुनाया।

2027 चुनाव की रणनीति

बीएसपी दलित-बहुजन वोट बैंक को मजबूत करने पर जोर दे रही है। आकाश आनंद ने भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था और किसान मुद्दों को लेकर हमला बोला। स्थानीय स्तर पर भाजपा से आए नेताओं (जैसे मनोज प्रधान) को पार्टी में शामिल कर संगठन का विस्तार किया जा रहा है। पार्टी 2027 में सरकार बनाने का दावा कर रही है।

Updated on:
28 Oct 2026, 9:54 PM IST
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