लखनऊ

2027 की रणभेरी: अखिलेश यादव का बड़ा प्लान, भाजपा के खिलाफ पीडीए सरकार का संकल्प

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कैराना लोकसभा सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर अहम बैठक की। उन्होंने संगठन की मजबूती, चुनावी समीकरण, SIR मुद्दे और भाजपा की नीतियों पर तीखा हमला करते हुए PDA सरकार बनाने का संकल्प दोहराया।

3 min read
Jan 26, 2026
2027 चुनाव की तैयारी तेज, अखिलेश यादव ने कैराना नेताओं संग बनाई भाजपा विरोधी रणनीति   (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Akhilesh Yadav Gears Up for UP 2027: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सन 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। इसी क्रम में उन्होंने आज कैराना लोकसभा क्षेत्र की सांसद तथा पार्टी के अन्य प्रमुख नेताओं के साथ आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। यह बैठक समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित हुई, जहां क्षेत्रीय चुनावी समीकरणों, संगठन की स्थिति और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में कैराना लोकसभा क्षेत्र की सांसद इकरा हसन, पूर्व सांसद तबस्सुम हसन सहित कई वरिष्ठ एवं स्थानीय नेता विशेष रूप से मौजूद रहे। चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने लोकसभा क्षेत्र के नेताओं से जमीनी हालात, मतदाता रुझान, सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक मजबूती पर विस्तृत जानकारी ली।

ये भी पढ़ें

UGC मुद्दे पर केशव मौर्य का बयान बना विवाद की वजह, सवर्ण समाज में तेज हुई बहस

चुनावी समीकरण और संगठन पर फोकस

अखिलेश यादव ने नेताओं से क्षेत्र में चल रहे एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की प्रगति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की बुनियाद है और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी को समाजवादी पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांव-गांव, बूथ-बूथ जाकर लोगों को जागरूक करें और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सतर्क रहें। उन्होंने संगठन को और मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि 2027 का चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा का चुनाव होगा। समाजवादी पार्टी का हर कार्यकर्ता इस लड़ाई का सिपाही है।

2027 में प्रदर्शन 2024 से बेहतर होगा

राज्य मुख्यालय में अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में 2024 के लोकसभा चुनावों से भी अधिक प्रभावशाली और ऐतिहासिक होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा की नीतियों और कार्यशैली से त्रस्त हो चुकी है और अब बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा, “भाजपा की चालाकी और साजिशों को परास्त करने की ताकत लोकतंत्र में है। जनता अब सब समझ चुकी है। प्रदेश की जनता भाजपा से मुक्ति चाहती है और  PDA   (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की सरकार बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।”

SIR   के बहाने एनआरसी का आरोप

भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि  SIR  के बहाने एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिज़न्स) लागू करने की चालबाजी की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की मंशा लोगों को डराने और समाज में विभाजन पैदा करने की रही है, लेकिन अब जनता पहले से ज्यादा जागरूक हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाजवादी पार्टी ऐसी किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध करेगी जो नागरिकों के अधिकारों पर आघात करती हो। “लोकतंत्र में डर और नफरत की कोई जगह नहीं है,” उन्होंने कहा।

सद्भाव बनाम नफरत की राजनीति

अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने भाजपा और समाजवादी पार्टी की राजनीति के फर्क को रेखांकित करते हुए कहा कि भाजपा नफरत और विभाजन की राजनीति करती है, जबकि समाजवादी पार्टी सद्भाव, एकता और विकास की राजनीति में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा, “भाजपा तोड़ने का काम करती है, समाजवादी जोड़ने का। समाजवादी पार्टी सभी समाज का सम्मान करती है और हर वर्ग के हक और सम्मान के लिए काम करती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की विविधता ही उसकी ताकत है और समाजवादी पार्टी इस विविधता को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है।

शंकराचार्य को लेकर भाजपा पर तीखा हमला

अखिलेश यादव ने इस अवसर पर शंकराचार्य जी के साथ भाजपा सरकार के व्यवहार को लेकर भी कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का आचरण शंकराचार्य जी के प्रति अमानवीय और अमर्यादित रहा है। उन्होंने कहा, “शंकराचार्य जी का पूरा सम्मान होना चाहिए। लेकिन जो भाजपा अपने को सनातनी कहती है, वही सनातन धर्म का अपमान कर रही है। साधु-संतों को अपमानित किया जा रहा है।”उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म का राजनीतिक उपयोग करती है, लेकिन वास्तव में धार्मिक परंपराओं और संत समाज का सम्मान नहीं करती।

2027 में जनता देगी जवाब

अपने भाषण के अंत में अखिलेश यादव ने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता भाजपा की नीतियों और व्यवहार को सहन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को उसके कृत्यों का करारा जवाब देगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाकर समाजवादी पार्टी की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को मजबूती से रखें। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि एक न्यायपूर्ण, समतामूलक और विकासशील उत्तर प्रदेश का निर्माण करना है।

ये भी पढ़ें

UGC 2026 के नए नियमों पर भाजपा एमएलसी की आपत्ति, शिक्षा व्यवस्था में जातीय तनाव की चेतावनी

Also Read
View All

अगली खबर