समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनको चुनावी मैदान में पीएम मोदी के खिलाफ उतारने को लेकर एक बार फिर प्रतिक्रिया दी है।
लखनऊ. बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव का वाराणसी में नामांकन तो रद्द हो गया है, लेकिन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनको चुनावी मैदान में पीएम मोदी के खिलाफ उतारने को लेकर एक बार फिर प्रतिक्रिया दी है। लखनऊ में एक मीडिया सम्मेलन में शामिल अखिलेश यादव ने तेजबहादुर को पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी से उतारे जाने की पीछे की वजह बताई है।
इसलिए उतारा मैदान में-
समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हमने तेजबहादुर को टिकट दिया। वह पहले से इसकी मांग भी कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि कई पार्टी के बुद्धिजीवीयों का मानना था कि यदि हम इन्हें टिकट देंगे तो वाराणसी सीट पर चुनाव अच्छा होगा। इस फैसले के चलते हमने उन्हें मैदान में उतारा, लेकिन आखिर में पूरी सरकार उनके नामांकन को ही रद्द करने में लग गई।
मैं भी रहां हूं मिलिट्री स्कूल में-
अखिलेश यादव ने तेजबहादुर के पक्ष में कहा कि बीएसएफ से उन्हें निकाला गया, वह भी सिर्फ इस वजह से कि उन्होंने दाल के लिए शिकायत कर दी थी। अखिलेश ने अपना भी उदाहरण पेश करते हुए कहा कि वे भी 7 साल तक मिलिट्री स्कूल में थे और रोजाना खाने के पीछे लड़ाई होती थी। इस बात पर हमें वहां से निकाला नहीं जाता था, लेकिन तेज बहादुर को बीएसएफ से निकाल दिया गया। वहीं नामांकन रद्द करने को लेकर अखिलेश बोले कि इलेक्शन कमिशन को रिपोर्ट बीएसएफ देती है न की सरकार। उन्होंने कहा कि देश को बुलेट ट्रेन की जरूरत नहीं, जवानों को बुलेट प्रूफ जैकट मिल जाए उसकी मांग तेजबहादुर कर रहे थे, अच्छा खाना, अच्छे जूते की वो मांग कर रहे थे।