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मायावती की अखिलेश यादव को नसीहत, ब्राह्मणों से माफी मांग लो ‘बबुआ’, ऐसी राजनीति ठीक नहीं

Mayawati advises Akhilesh Yadav : बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर अखिलेश यादव को घेरा है। मायावती ने अखिलेश को माफी मांगने की नसीहत देते हुए सपा को 'जातिवादी' करार दिया।

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मायावती ने कहा ब्राह्मणों से माफी मांगे अखिलेश यादव, PC- Patrika

Mayawati advises Akhilesh Yadav :समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजकुमार भाटी मामले में नसीहत दी है। मायावती ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को ब्राह्मणों से माफी मांग लेनी चाहिए। इसी में उनकी भलाई है।

पहले पढ़िए मायावती ने क्या टिप्पणी की

बसपा सुप्रीमो मायायवती ने x पोस्ट पर लिखा, 'समाजवादी पार्टी (सपा) के एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा अभी हाल ही में ब्राह्मण समाज को लेकर की गयी अभद्र, अशोभनीय एवं आपत्तिजनक टिप्पणी व बयानबाज़ी आदि को लेकर हर तरफ उपजा भारी आक्रोश व उसकी तीव्र निन्दा स्वाभाविक ही है तथा इस विवाद के फलस्वरूप पुलिस द्वारा मुक़दमा दर्ज किये जाने के बाद भी यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। किन्तु संकीर्ण जातिवादी राजनीति करने वाली सपा के नेतृत्व की इस मामले को लेकर ख़ामोशी से भी मामला और अधिक गंभीर होकर काफी तूल पकड़ता जा रहा है। स्थिति भी तनावपूर्ण होती जा रही है।
वैसे भी सपा प्रवक्ता के ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बयान से ब्राह्मण समाज के आदर-सम्मान व स्वाभिमान को जो ठेस पहुंची है तो उसको गंभीरता से लेते हुये सपा मुखिया को इसका तत्काल संज्ञान लेकर ब्राह्मण समाज से क्षमा याचना व पश्चाताप कर लेना चाहिये तो यह संभवतः उचित होगा।

सपा का चरित्र जस का तस

इसके अलावा, इस ताज़ा प्रकरण से लोगों की नज़र में यह भी साबित है कि सपा का ख़ासकर दलितों, अति-पिछड़ों व मुस्लिम समाज आदि की तरह ब्राह्मण समाज-विरोधी भी इनका जातिवादी चाल व चरित्र बदला नहीं है बल्कि और ज़्यादा गहरा ही हुआ है तथा इसके साथ ही, ब्राह्मण समाज के प्रति वर्तमान सरकार के रवैयों को लेकर भी जो ज़बरदस्त नाराज़गी इस समाज में देखने को मिल रही है वह भी किसी से छिपा हुआ नहीं है, जबकि यह सर्वविदित है कि बी.एस.पी. द्वारा सर्वसमाज की तरह ब्राह्मण समाज को भी पार्टी व सरकार में भी भरपूर आदर-सम्मान देने के साथ-साथ हर स्तर पर उन्हें उचित भागीदारी भी दी गयी है अर्थात् बी.एस.पी. में यूज़ एण्ड थ्रो नहीं है बल्कि सर्वसमाज का हित हमेशा सुरक्षित रहा है।

अब जानिए क्या है राजकुमार भाटी विवाद

सपा प्रवक्ता ने दिल्ली के जवाहर भवन में 5 मई को आयोजित एक कार्यक्रम में किताब विमोचन के दौरान ब्राह्मणों पर अभद्र टिप्पणी की थी। वायरल वीडियो में भाटी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, 'ब्राह्मण भला न वेश्या, इनमें भला न कोय। कोई-कोई वैश्या तो भली, ब्राह्मण भला न कोय।' उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इसके बाद राजकुमार भाटी ने मामले को तूल पकड़ता देख एक वीडियो जारी कर माफी भी मांग ली। लेकिन, उनका विरोध कम होता दिखाई नहीं दे रहा है।

कविनगर थाने में भाटी के खिलाफ दर्ज हुई FIR

12 मई को उत्तर प्रदेश पुलिस ने समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी पर कवि नगर पुलिस स्टेशन में BJP नेता अजय शर्मा की शिकायत के आधार पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।

ब्रजेश पाठक ने भी दी प्रतिक्रिया

पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मणों के खिलाफ की गई अपमानजनक और निंदनीय टिप्पणियां निंदनीय हैं और ये पार्टी की मानसिकता को दर्शाती हैं। पाठक ने कहा कि ब्राह्मण समुदाय जिसने ज्ञान, संस्कृति, संविधान और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से देश में योगदान दिया है। ऐसी भाषा का हकदार नहीं है. ऐसी टिप्पणियां बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।