
Akhilesh Yadav Parliament Protest: नीट पेपर लीक मामले को लेकर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने साफ कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले में सिर्फ बहस नहीं, बल्कि जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सरकार पहले ही गड़बड़ी स्वीकार कर चुकी है, इसलिए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग जायज है। जब अखिलेश यादव से सदन में उनकी नाराजगी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अपनी बात कहने के लिए गुस्सा होना चाहिए।
संसद में छात्रों के आंदोलन और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। इसी बीच अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के बीच बहस की खबरों ने सियासी हलकों में चर्चा तेज कर दी। मीडिया से बातचीत के दौरान जब अखिलेश यादव से पूछा गया कि क्या आपकी कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से तू-तू-मैं-मैं' हुई थी, तो उन्होंने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा,'नहीं ऐसी कोई बात नहीं है, फ्लोर को-ऑर्डिनेशन फिर ठीक हो जाएगा। (संसद में विपक्षी दलों के बीच तालमेल फिर सामान्य हो जाएगा।)
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष नीट पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा कर रहा था। सपा के सांसद भी अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन अध्यक्ष ने पहले कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल को बोलने का मौका दिया। उनके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अपनी बात रखी।
इसी दौरान अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई। अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें बोलने के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि क्या बोलें? आपने (वेणुगोपाल और रिजिजू) को बोलने का मौका दिया। इसके बाद उन्होंने अध्यक्ष से कहा कि समझौता कर लिया आपने क्या?
संसद परिसर में बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की मांग साफ है कि पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए, उसके बाद आगे की बातचीत हो। उन्होंने कहा कि सरकार खुद दोबारा परीक्षा कराकर यह मान चुकी है कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई थी। ऐसे में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले दिन से इस मुद्दे को उठा रहा है और आगे भी छात्रों के हित में आवाज उठाता रहेगा।