
टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- बदले माहौल से बढ़ा आमजन, व्यापारी और निवेशकों का भरोसा (फोटो सोर्स : Ritesh Singh)
UP Textile Conclave: राजधानी लखनऊ में आयोजित यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और निवेश के बदले माहौल को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में व्यापक बदलाव आया है। आज उत्तर प्रदेश दंगा, कर्फ्यू और अराजकता से मुक्त है तथा प्रदेश में आम नागरिक, व्यापारी और निवेशक स्वयं को पहले से अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अब उत्तर प्रदेश में कोई माफिया खुलेआम अपनी पिस्टल लहराते हुए नहीं घूम सकता। उन्होंने सख्त अंदाज में कहा कि बेटी, व्यापारी या निवेशक की सुरक्षा में सेंध लगाने का दुस्साहस करने वालों के लिए दो ही जगह है,जेल या जहन्नुम। मुख्यमंत्री के इस बयान को प्रदेश में अपराध और माफिया के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर आम लोगों का विश्वास बहाल हुआ है। इसी विश्वास का परिणाम है कि प्रदेश में उद्योग, व्यापार और निवेश का माहौल मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि जब नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा मिलता है तो उसके सकारात्मक परिणाम अर्थव्यवस्था और विकास के दूसरे क्षेत्रों में भी दिखाई देते हैं।
उन्होंने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कानून-व्यवस्था चौपट थी और प्रदेश के लगभग हर जनपद में माफिया का प्रभाव दिखाई देता था। हत्या, फिरौती और अपहरण जैसे अपराधों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में पेशेवर अपराधी और माफिया सत्ता के समानांतर अपनी व्यवस्था संचालित करते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले माफिया और अपराधी खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन करते थे और कहीं से भी आने-जाने में उन्हें कोई भय नहीं रहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस जमीन पर माफिया की नजर पड़ जाती थी, उसे वह अपनी समझने लगता था और तत्कालीन सरकार की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती थी।
योगी ने कहा कि उस दौर में प्रदेश में निवेश करने की इच्छा रखने वाला व्यक्ति व्यापार की संभावनाओं का सपना लेकर आता था, लेकिन उसे वसूली की पर्ची लेकर लौटना पड़ता था। कानून-व्यवस्था के इस माहौल ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास को प्रभावित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार का सीधा असर निवेश के माहौल पर पड़ा है। अब उद्यमी उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाने और कारोबार विस्तार को लेकर अधिक विश्वास के साथ आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश के विकास के लिए सुरक्षा और सुशासन बुनियादी शर्त हैं।
योगी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश में ऐसा वातावरण बनाया जाए, जहां उद्यमी बिना भय के अपना कारोबार कर सकें और निवेशक अपनी पूंजी लगाने के बाद स्वयं को सुरक्षित महसूस करे। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रदेश में बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 के मंच से मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कपड़ा उद्योग की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल और इससे जुड़े उद्योगों के विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। बड़ी आबादी, विशाल बाजार, कुशल और युवा मानव संसाधन तथा बेहतर होते बुनियादी ढांचे को प्रदेश की ताकत बताते हुए उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र को आगे बढ़ाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
टेक्सटाइल उद्योग को रोजगार सृजन से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर उत्पादन और कारोबार को बढ़ावा मिलने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की पुरानी छवि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय प्रदेश के नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। यूपी के बाहर रहने वाले लोगों को मकान किराये पर लेने से लेकर होटल में कमरा पाने तक में परेशानी का सामना करना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि किसी समाज के लिए इससे बड़ी त्रासदी और क्या हो सकती है कि उसके नागरिक अपनी पहचान बताने में संकोच महसूस करें। मुख्यमंत्री के अनुसार, कानून-व्यवस्था में सुधार के बाद प्रदेश की छवि में बदलाव आया है और अब उत्तर प्रदेश को लेकर देश-दुनिया में धारणा बदल रही है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था का मजबूत होना केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर विकास की पूरी प्रक्रिया पर पड़ता है। जब नागरिक सुरक्षित होते हैं, व्यापारी निर्भय होकर कारोबार करता है और निवेशक को सुरक्षा का भरोसा होता है, तभी औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलती है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को ऐसा प्रदेश बनाना है, जहां सुरक्षा, सुशासन और विकास एक साथ आगे बढ़ें। टेक्सटाइल जैसे रोजगारपरक क्षेत्रों को बढ़ावा देकर सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर अवसर पैदा करना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने अपराध और माफिया को लेकर अपने संबोधन में बेहद सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून तोड़ने वालों के लिए किसी प्रकार की छूट की गुंजाइश नहीं है।सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सरकार कठोर कार्रवाई करेगी।
टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के मंच से मुख्यमंत्री का यह संदेश उद्योग जगत के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार यह संकेत देना चाहती है कि निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना उसकी प्राथमिकता है और कानून-व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में जो विश्वास बहाल हुआ है, वही आज उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुरक्षा, सुशासन और बेहतर औद्योगिक वातावरण के सहारे उत्तर प्रदेश आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका और मजबूत करेगा।
Updated on:
08 Sept 2026 03:55 pm
Published on:
08 Sept 2026 03:55 pm
