
सीएम योगी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव। फोटो सोर्स-IANS
UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भले ही अभी कुछ वक्त हो,लेकिन नेताओं की चहलकदमी तेज हो गई है। विपक्ष जहां सरकार की खामियां गिना रहा है,वहीं सरकार विकास योजनाओं से जनता के मन मस्तिष्क पर अपनी छाप छोड़ने की कोशिश में लगी है। इस बार का यूपी चुनाव पिछले चुनावों से ज्यादा दिलचस्प होने की उम्मीद है और भाजपा के लिए सत्ता तक पहुंचना आसान नहीं होगा। सीधे तौर परयोगी आदित्यनाथ को लेकर जनता में भले ही कोई नाराजगी न हो,लेकिन पार्टी के प्रति नाराजगी हाल के दिनों में सामने जरूर आई है। खासतौर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)के प्रोटेस्ट के दौरान। लिहाजा,इसका असर विधानसभा चुनाव में भी नजर या सकता है। योगी आदित्यनाथ को भी इसका आभास है,इसलिए अपना जनसंपर्क अभियान एकदम से तेज कर दिया है।
आदित्यनाथ बीते तीन से चार महीनों में उत्तर प्रदेश के 75 में से 44 से अधिक जिलों का दौरा कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 115 विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन किया या उनकी आधारशिला रखी। खास बात ये है कि इनमें से करीब 58% विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं,जहां 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस गठबंधन ने बढ़त हासिल की थी। मालूम हो कि लोकसभा चुनाव में यूपी से भाजपा को बड़ा झटका लगा था। उसकी सीटें 62 से घटकर 33 रह गई थीं। जबकि सपा और कांग्रेस ने क्रमशः 37 और 6 सीटों पर जीत दर्ज की। योगी की कोशिश इन क्षेत्रों में भाजपा के प्रति हर संभावित नाराजगी को दूर करना है। 115 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 38,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को अनुमति मिली है। इनमें सड़क, स्कूल,अस्पताल,बिजली एवं जल,पंचायत भवन निर्माण के साथ-साथ पर्यटन और कौशल विकास से जुड़ी की योजनाएं शामिल हैं।
| प्वाइंट | जानकारी |
|---|---|
| योगी के दौरे | बीते 3-4 महीनों में उत्तर प्रदेश के 75 में से 44 से अधिक जिलों का दौरा |
| विधानसभा क्षेत्र | 115 विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों का उद्घाटन या शिलान्यास |
| सपा-कांग्रेस की बढ़त वाले क्षेत्र | करीब 58% विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां 2024 लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने बढ़त हासिल की थी |
| 2024 में भाजपा का प्रदर्शन | उत्तर प्रदेश में भाजपा की लोकसभा सीटें 62 से घटकर 33 रह गईं |
| सपा की सीटें | सपा ने 37 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की |
| कांग्रेस की सीटें | कांग्रेस ने 6 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की |
| योगी की रणनीति | सपा-कांग्रेस की बढ़त वाले क्षेत्रों में भाजपा के प्रति संभावित नाराजगी दूर करने की कोशिश |
| कुल परियोजनाओं की लागत | 115 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 38,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को अनुमति |
| प्रमुख विकास कार्य | सड़क, स्कूल, अस्पताल, बिजली, जल और पंचायत भवन निर्माण |
| अन्य योजनाएं | पर्यटन और कौशल विकास से जुड़ी योजनाएं |
उत्तर प्रदेश में अगले साल फरवरी में चुनाव हो सकते हैं। इस लिहाज से योगी आदित्यनाथ के पास अभी कुछ महीने हैं और वह इसका पूरा लाभ उठाना चाहते हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य की 403 विधानसभा सीटों में से 255 सीटें जीती थीं,जबकि सपा 111 और कांग्रेस केवल दो सीटें ही जीत सकी थी। जिन 115 विधानसभा क्षेत्रों में सीएम योगी ने विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया है,वहां पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन शानदार था। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इन 115 सीटों में से 71 पर पार्टी ने जीत हासिल की थी। वहीं,उसकी सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) और निषाद पार्टी ने क्रमशः तीन और दो सीटें जीती थीं। सपा ने इनमें से 33 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि उसके तत्कालीन सहयोगी दल आरएलडी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) ने क्रमशः तीन और दो सीटें जीती थीं। कांग्रेस को केवल एक सीट मिली थी। विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद एसबीएसपी भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हो गई और 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले आरएलडी भी एनडीए का हिस्सा बन गई।
योगी आदित्यनाथ कांग्रेस और सपा के प्रभाव वाले क्षेत्रों पर भी खास ध्यान दे रहे हैं। पिछले महीने आदित्यनाथ ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली का दौरा किया था। यहां उन्होंने तीन विधानसभा क्षेत्रों—बछरावां, हरचंदपुर और रायबरेली के लिए कुल 879 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का उद्घाटन किया,साथ ही नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस इन तीनों क्षेत्रों में आगे रही थी। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने रायबरेली सीट जीती थी,जबकि सपा ने बाकी दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी। 26 जुलाई को मुख्यमंत्री मैनपुरी में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए,जहां उन्होंने जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों मैनपुरी और करहल के लिए 682 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा की। बता दें कि करहल सपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। यहीं से पार्टी अध्यक्षअखिलेश यादव(वर्तमान में कन्नौज से लोकसभा सांसद) ने 2022 का विधानसभा चुनाव जीता था। उनकी पत्नी डिंपल यादव ने 2024 में मैनपुरी लोकसभा सीट से शानदार जीत हासिल करने के दौरान करहल और मैनपुरी, दोनों विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाई थी।
फैजाबाद (अयोध्या) लोकसभा क्षेत्र भी भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है,यहां बेहद चौंकाने वाले परिणाम में उसे सपा के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था। योगी यहां भी मतदाताओं की नाराजगी दूर करने की कोशिश में लगे हैं। जिले के बीकापुर,रुदौली और दरियाबाद विधानसभा क्षेत्रों के लिए विकास परियोजनाओं की शुरुआत की है। उन्होंने रुदौली और बीकापुर को 810 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी है। इसके अलावा,सीएम ने अपने गृह क्षेत्र गोरखपुर जिले में भी बड़ी संख्या में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है।
वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस लीडर राहुल गांधी ने भी जनता से संवाद बढ़ा दिया है। अखिलेश तो काफी मुखर हैं। खासकर राम मंदिर चंदा चोरी मुद्दे को उन्होंने प्रमुखता से उठाया था। अखिलेश और राहुल को उम्मीद है कि चंदा चोरी का मुद्दा चुनाव में भाजपा को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके साथ ही ब्राह्मण समाज और योगी सरकार के बीच असंतोष की खबरों पर भी अखिलेश की नजर है। शंकराचार्य विवाद,यूजीसी के नियम सहित कुछ मुद्दे ऐसे हैं,जिनके चलते ब्राह्मण समाज भाजपा से नाराज बताया जाता है। विपक्ष को ये नाराजगी एक मौका नजर आ रही है,बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगाने का।
यूपी की कुल आबादी में ब्राह्मण मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 10 से 12% है। सीटों के हिसाब से देखें तो 403 विधानसभा सीटों में से केवल 7 सीटें ऐसी हैं जहां ब्राह्मण आबादी लगभग 30% और 97 सीटों पर 15% से ऊपर है। ऐसे में ब्राह्मण चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की ताकत रखते हैं। अखिलेश इस ताकत को समझते हैं,इसलिए पिछले कुछ समय से लगातार ब्राह्मण सामाज को साधने की कोशिश में लगे हैं। 'जनेश्वर मिश्र'की जयंती पर ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन,उनकी इसी रणनीति का हिस्सा था। अब,वह अपनी इस कोशिश में कितने सफल होंगे,ये तो वक्त ही बताएगा,लेकिन इतना तय है कि इस बार का चुनाव भाजपा के लिए पहले जितना आसान नहीं होगा।
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Updated on:
08 Sept 2026 01:29 pm
Published on:
08 Sept 2026 12:44 pm
