पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने छात्रा पूजा शुक्ला का साथ देते हुए कहा कि पूजा के साथ अन्याय हुआ है, उसे प्रवेश देने के लिए मनमाने तरीके से रोका गया।
लखनऊ. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने छात्रा पूजा शुक्ला का साथ देते हुए कहा कि पूजा के साथ अन्याय हुआ है। उसे प्रवेश देने के लिए मनमाने तरीके से रोका गया। इसके विरोध में शांतिपूर्ण धरने पर बैठी तो उत्पीड़न किया गया। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के नाम पर भ्रम फैला रही है। असलियत यह है कि भाजपा शासन में बेटियों-महिलाओं पर अत्याचार और हिंसा में वृद्धि हो रही है। भाजपा प्रदेश में विश्वविद्यालयों को राजनीति का अखाड़ा बना रही है। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि भाजपा सहमति की हर आवाज को दबा रही है।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
पूजा शुक्ला के समर्थन पर आए अखिलेश यादव ने आगे कहा कि किसी बेटी को पढ़ने के लिए अनशन करना पड़े यह सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। विश्वविद्यालय और शासन-प्रशासन भाजपा व आरएसएस के इशारे पर समाजवादी छात्रसभा को बदनाम करने की कुचेष्टा कर रहा है। यह युवा पीढ़ी के भविष्य को अंधेरे में धकेलने का दुष्प्रयास है। शिक्षा संस्थान में ऐसा आचरण अवांछनीय है।
युवा पीढ़ी को गुमराह कर रही भाजपा: अखिलेश यादव
आरएसएस और विद्यार्थी परिषद युवा पीढ़ी को गुमराह कर रहे हैं। भाजपा जनता को मूल मुद्दों से भटकाती है, लेकिन वह सच्चाई जानती है। भाजपा-संघ का पूरा एजेंडा ही लोकतांत्रिक ताकतों को कमजोर करना और विपक्ष की छवि धूमिल करने के लिए अफवाहबाजी और झूठ का प्रचार करना है। सपा हिंसा और अराजकता की विरोधी है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार फीस वृद्धि, प्रवेश समस्या और छात्रहित के मुद्दों पर आंदोलन करने पर नौजवानों को जेल भेजना और उन्हें शिक्षा से वंचित करने का दुष्चक्र चल रहा है। सरकार का छात्रों के प्रति यह बर्ताव अलोकतांत्रिक है।
बता दें कि लखनऊ विश्वविद्यालय में पिछले 3 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र-छात्राओं और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच बुधवार को जमकर बवाल हुआ। यूनिवर्सिटी के वीसी पर छात्रों को प्रवेश ना देने के आरोप के बाद बड़ी संख्या में छात्र यूनिवर्सिटी के गेट नम्बर एक पर भूख हड़ताल पर बैठ गए।
जिसके बाद कुछ छात्रों ने वीसी और प्रोफेसरों से मारपीट कर ली और यूनिवर्सिटी कैम्पस में तोड़फोड़ शुरू कर दी। देखते ही देखते एलयू युद्ध का मैदान बन गया, भारी पुलिस बल तैनात कर दी गई। पूरे मामले में एलयू प्रशासन ने 4 छात्रों पर नामजद एफआईआर और 15 से 20 अज्ञात छात्रों पर दर्ज कराई है।