लखनऊ

अखिलेश यादव ने IPS अविनाश पांडे को दी चेतावनी, बोले- ऐसे अफसरों को नौकरी करने का हक नहीं

Akhilesh Yadav warns IPS Avinash Pandey: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी प्रेस-कॉन्फ्रेंस के दौरान मेरठ के SSP अविनाश पांडे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। वहीं दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में SSP और पुलिस पर मारपीट और प्रताड़ना के आरोप लगाए। जानिए अखिलेश यादव ने SSP अविनाश पांडे को चेतावनी देते हुए क्या कहा...
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Aug 30, 2026
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अखिलेश यादव की IPS अविनाश पांडे को चेतावनी (फाइल फोटो पत्रिका)

Akhilesh Yadav slams SSP Avinash Pandey:समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ में एक प्रेस-कॉन्फ्रेंस के दौरान मेरठ के SSP अविनाश पांडे पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने पुलिस अधिकारी पर किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इन दोनों के साथ सिर्फ इसलिए मारपीट की क्योंकि वे PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज से आते हैं और समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं।

'कानून का राज होता तो दर्ज होता मुकदमा'

प्रेस-कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि दिग्विजय भाटी के साथ जो कुछ भी हुआ है वह बेहद निंदनीय है। अगर प्रदेश में कानून का राज होता तो उस IPS अधिकारी अविनाश पांडे पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मुकदमा दर्ज हो जाना चाहिए था। लेकिन कानून का राज नहीं होने के कारण आज इन लोगों को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। अखिलेश ने कहा कि जैसे ही कप्तान को पता चला कि, एक नेता जाटव समाज से है और दूसरा गुर्जर समाज से है तथा वे PDA और समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

सरकार बनने पर दिलाऊंगा न्याय

सपा मुखिया ने एसएसपी अविनाश पांडे को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे आईपीएस अधिकारियों को नौकरी करने का कोई हक नहीं है। उन्होंने पीड़ित नेताओं से अपील की कि वे अदालत का दरवाजा खटखटाएं और कोर्ट के सामने अपनी पूरी बात मजबूती से रखें। अखिलेश यादव ने मंच से यह भी वादा किया कि यूपी में सपा की सरकार बनने पर वह इन दोनों नेताओं को न सिर्फ न्याय दिलाएंगे बल्कि उन्हें पूरा सम्मान भी देंगे।

दिग्विजय भाटी ने सुनाई आपबीती

अखिलेश यादव ने मोहित जाटव और दिग्विजय भाटी को मंच पर बुलाकर अपनी आपबीती सुनाने का मौका दिया। दिग्विजय भाटी ने बताया कि 19 तारीख को मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे ने उन्हें और मोहित को चाय पीने के बहाने अपने ऑफिस बुलाया था। वहां पहुंचते ही कप्तान ने उनकी जाति पूछी और गालियां देते हुए उन्हें चोर और बदमाश कहा। जब दिग्विजय ने इसका विरोध किया तो कप्तान उन्हें अपने पर्सनल केबिन में ले गए और वहां दोनों को कोहनियों हाथों और पैरों से बुरी तरह पीटा। दिग्विजय ने बताया कि कप्तान के जूते की नोंक उनकी आंख में लगी और कप्तान ने धमकी देते हुए कहा कि तुम 17 तारीख को अखिलेश यादव से मिलकर आए हो मैं तुम्हें नेता बनाता हूं।

मोहित जाटव ने भी लगाए गंभीर आरोप

मोहित जाटव ने बताया कि पुलिस उन्हें SOG ऑफिस ले गई जहां उनके कपड़े उतारकर उन्हें बेरहमी से पीटा गया। दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि SOG टीम ने उनके पैर बांधकर उन्हें उल्टा लटका दिया था। पिटाई के कारण जब वे बेहोश हो जाते थे और पानी मांगते थे तो पुलिस वाले उन्हें सिर्फ बोतल के ढक्कन से पानी पिलाते थे। मोहित ने बताया कि रात में पुलिस उन्हें एनकाउंटर करने की धमकी देकर जीप में घुमाती रही। गनीमत रही कि विधायक अतुल प्रधान ने वहां पहुंचकर उनकी जान बचा ली। दोनों नेताओं ने अखिलेश यादव का धन्यवाद करते हुए मांग की है कि आरोपी अधिकारी पर जल्द से जल्द मुकदमा दर्ज कर उसे बर्खास्त किया जाए।

इस पूरे मामले को लेकर अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति या राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नहीं होनी चाहिए। हालांकि, पुलिस अधिकारी अविनाश पांडे की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई बयान सामने नहीं आया है।