
Atiq Ashraf Properties Sale: माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या को तीन साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन उनके गुर्गे अब भी सक्रिय हैं। आरोप है कि ये लोग अतीक-अशरफ की बेनामी संपत्तियां बेचकर परिवार तक पैसे पहुंचा रहे हैं। प्रयागराज पुलिस और राजस्व विभाग ने इस मामले की जांच तेज कर दी है।
एसडीएम सदर की ओर से जारी पत्र में चक निरातुल निवासी राजीव नागर के नाम गंभीर आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि मौजा शाह उर्फ पीपलगांव और दामूपुर में अनुसूचित जाति के लोगों की जमीनें राजीव नागर के नाम बेनामी तरीके से लिखवाई गई थीं। इन जमीनों की आज भी खरीद-बिक्री हो रही है। इससे मिलने वाला पैसा अतीक के गुर्गों और रिश्तेदारों के जरिए माफिया के परिवार तक पहुंचाया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार दक्षिणी पीयूष कुशवाहा की अगुवाई में पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। टीम में एयरपोर्ट थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश उपाध्याय, राजस्व निरीक्षक अमर सिंह, शाह उर्फ पीपलगांव के लेखपाल मनीष कुमार और दामूपुर के लेखपाल प्रतीक पांडेय शामिल हैं। टीम को राजीव नागर के नाम दर्ज संपत्तियों के दस्तावेज, जमीन के मालिकाना हक, खरीद-बिक्री और मौजूदा स्थिति की जांच करनी है। यह भी पता लगाना है कि ये जमीनें सच में अनुसूचित जाति के लोगों की थीं या नहीं और उनके हस्तांतरण में कोई नियम तोड़ा गया या नहीं। डीसीपी नगर मनीष शांडिल्य ने बताया कि टीम को सात दिन में जांच रिपोर्ट देनी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
अतीक अहमद की मौत के बाद भी उसकी संपत्तियों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। पहले भी कई बेनामी जमीनें कुर्क की जा चुकी हैं। अब नए सिरे से यह जांच शुरू हुई है ताकि माफिया परिवार तक अवैध पैसे पहुंचने का सिलसिला रोका जा सके। पुलिस और राजस्व विभाग मिलकर स्थलीय और दस्तावेजी जांच कर रहे हैं। इस पूरे मामले में प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है।