
वाहन चलने के लिए प्रत्येक चालक के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य है। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने पर भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। फिर ड्राइविंग लाइसेंस बनने के बाद यह ध्यान रखना होता है कि, उसका रिन्युअल भी करना पड़ता है। तो सतर्क हो जाएं परिवहन विभाग में अब नए नियम लागू हो गए हैं। ड्राइविंग लाइसेंस रिन्युअल में देरी पर हर साल एक हजार रुपए पेनल्टी भरनी पड़ेगी। इसलिए समय रहते ही ड्राइविंग लाइसेंस का रिन्युअल करा लें।
देरी पर पेनल्टी
दरअसल, उत्तर प्रदेश में परिवहन विभाग में हाल ही में शुरू हुई ऑनलाइन रिन्युअल की व्यवस्था के बाद फीस बढ़ा दी है। पहले ड्राइविंग लाइसेंस रिन्युअल में वन टाइम पेनल्टी लगती थी। अब इसे खत्म कर दिया गया। यदि किसी का ड्राइविंग लाइसेंस रिन्युअल की तारीख से दो साल बाद रिन्युअल होगा तो दो हजार रुपए पेनल्टी लगेगी। पहले सिर्फ एक हजार रुपए ही पेनल्टी लगती थी। यानी जितनी देरी उतनी ज्यादा पेनल्टी देना होगा।
200 रुपए की फीस
ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद प्रत्येक लाइसेंस धारक को 30 दिन का समय मिलता है और तब तक आप अपने ड्राइविंग लाइसेंस का इस्तेमाल कर सकते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूअल के लिए आपको लगभग 200 रुपए की फीस जमा करनी पड़ती है।
अलर्ट रहें
- लाइसेंस खात्मे की तारीख के 30 दिन के भीतर डीएल रिन्यूअल के लिए आवेदन करते हैं, तो आपका लाइसेंस इसकी समाप्ति की तारीख से रिन्यू किया जाएगा।
- लाइसेंस की समाप्ति की तारीख के 30 दिन के बाद डीएल रिन्यूअल के लिए आवेदन करते हैं, तो आपका लाइसेंस आवेदन प्राप्त होने की तारीख से रिन्यू किया जाएगा। और ₹30 का अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा।
- यदि आप ड्राइविंग लाइसेंस की समाप्ति की तारीख के पांच साल बाद डीएल रिन्यू के लिए आवेदन करते हैं, तो आप नवीनीकरण का अनुरोध नहीं कर पाएंगे। नए लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा।
ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू के लिए आवश्यक दस्तावेज :-
- फॉर्म 9 पूरी तरह से भरकर उस पर साइन करें।
- ओरिजनल ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो कॉपी।
- उम्र 40 वर्ष से अधिक होने पर फॉर्म 1A के साथ एक मेडिकल सर्टिफिकेट।
- सेल्फ-अटेस्टेड एड्रेस और आयु प्रमाण पत्र के दस्तावेजों की फोटो कॉपी।
- 2 पासपोर्ट साइज फोटो।