
UP STF को बड़ी सफलता: टैक्सी चालक शुभम पांडे हत्याकांड का ₹50 हजार का इनामी आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार (Source: Police Media Cell)
Lucknow Taxi Driver Murder Case: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को वर्ष 2019 में राजधानी लखनऊ के चर्चित टैक्सी चालक शुभम पांडे हत्याकांड में बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोनू यादव उर्फ अभिमन्यु यादव को राजस्थान के डीडवाना जिले से गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद छह वर्ष पुराने इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच को नई गति मिलने की उम्मीद है। एसटीएफ के अनुसार आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सुखपुरा थाना क्षेत्र का रहने वाला है और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बचता फिर रहा था।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, मोनू यादव उर्फ अभिमन्यु यादव वर्ष 2019 में हुए टैक्सी चालक शुभम पांडे हत्याकांड में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस और एसटीएफ लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन वह लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा।
हाल ही में एसटीएफ को उसके राजस्थान के डीडवाना क्षेत्र में छिपे होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने वर्ष 2019 की वारदात के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। एसटीएफ के मुताबिक आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों मिथिलेश पांडे, छोटू सिंह और मोहन यादव के साथ मिलकर 14 जुलाई 2019 की रात एयरपोर्ट जाने के बहाने टैक्सी बुक कराई थी।
जिस टैक्सी को बुक किया गया था उसका नंबर UP 53 AT 1469 था और उसे टैक्सी चालक शुभम पांडे चला रहे थे। आरोपियों की योजना पहले से ही टैक्सी लूटने की थी और इसी उद्देश्य से उन्होंने पूरी साजिश रची थी।
एसटीएफ के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चारों आरोपियों ने सुनसान स्थान पर पहुंचने के बाद टैक्सी चालक शुभम पांडे पर हमला कर दिया। विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आरोपियों ने शव को नहर में फेंक दिया ताकि पुलिस को घटना का सुराग न मिल सके।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी टैक्सी लेकर वाराणसी (बनारस) की ओर फरार हो गए। उस समय इस घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी और पुलिस के सामने हत्या के साथ वाहन लूट की गुत्थी सुलझाना बड़ी चुनौती बन गई थी।
हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और कई आरोपियों की पहचान भी कर ली। कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मोनू यादव उर्फ अभिमन्यु यादव लगातार फरार रहा। उसके खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने इनाम भी घोषित किया था।
एसटीएफ के अनुसार आरोपी अपनी पहचान छिपाकर विभिन्न राज्यों में रह रहा था और बार-बार ठिकाना बदल रहा था। इसी वजह से उसकी गिरफ्तारी में काफी समय लग गया। लगातार तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर आखिरकार उसकी लोकेशन राजस्थान में मिली, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि फरार अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। आधुनिक तकनीक, डिजिटल सर्विलांस और मुखबिर नेटवर्क की मदद से लंबे समय से फरार अपराधियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया जा रहा है।
मोनू यादव की गिरफ्तारी भी इसी अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी के खिलाफ सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की जा रही है और उससे पूछताछ के आधार पर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जाएगी।
यह पूरा मामला लखनऊ कमिश्नरेट के सरोजिनीनगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। टैक्सी चालक शुभम पांडे की हत्या और वाहन लूट के मामले में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। एसटीएफ द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा, जहां आगे की विवेचना और न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि पूछताछ के दौरान अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आती हैं तो उनके आधार पर भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
करीब छह वर्ष पुराने इस मामले में मुख्य आरोपियों में से एक की गिरफ्तारी से मृतक शुभम पांडे के परिजनों को न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है। लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस और एसटीएफ की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
कानून-व्यवस्था के जानकारों का कहना है कि वर्षों पुराने मामलों में भी लगातार कार्रवाई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी यह संदेश देती है कि गंभीर अपराधों में शामिल लोगों को कानून से लंबे समय तक बचना आसान नहीं है। एसटीएफ की इस कार्रवाई को प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक अहम सफलता माना जा रहा है।
अब इस मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं पर क्या नए तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल एसटीएफ की इस कार्रवाई से छह साल पुराने चर्चित हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण कड़ी पुलिस के हाथ लगी है।
Updated on:
16 Jul 2026 03:41 pm
Published on:
16 Jul 2026 03:41 pm
