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कौन हैं पूर्व विधायक विजय मिश्रा? 100 करोड़ की मिल पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई; जेल में बंद नेता की बढ़ीं मुश्किलें

About Former MLA Vijay Mishra: उत्तर प्रदेश पुलिस ने पहली बार राज्य के बाहर गैंगस्टर्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के धाराशिव में स्थित करीब 100 करोड़ रुपये की दाल मिल कुर्क की है। पुलिस का दावा है कि यह संपत्ति पूर्व विधायक विजय मिश्रा के कथित आपराधिक नेटवर्क की अवैध कमाई से बनाई गई थी।
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लखनऊ

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Harshul Mehra

Jul 16, 2026

about former mla vijay mishra up police attaches rs 100 crore dal mill in maharashtra

कौन हैं पूर्व विधायक विजय मिश्रा? फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Former MLA Vijay Mishra Case Update: उत्तर प्रदेशपुलिस ने पहली बार राज्य की सीमा से बाहर गैंगस्टर्स एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र में स्थित करीब 100 करोड़ रुपये की एक दाल मिल (एग्रो इंडस्ट्री) को कुर्क किया है। पुलिस का आरोप है कि यह संपत्ति जेल में बंद पूर्व विधायक विजय मिश्रा के कथित आपराधिक नेटवर्क से अर्जित अवैध कमाई से बनाई गई थी। इस कार्रवाई के साथ ही विजय मिश्रा और उनके कथित गिरोह से जुड़ी अब तक कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 241.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में स्थित है संपत्ति

पुलिस के अनुसार, कुर्क की गई संपत्ति महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के जाकेकुर गांव में स्थित 'लल्ली एग्रो इंडस्ट्रीज' है। यह इकाई पिछले करीब 15 सालों से संचालित हो रही है। पुलिस का दावा है कि इसकी कीमत लगभग 100.25 करोड़ रुपये है और इसे विजय मिश्रा के दामाद मुकेश तिवारी द्वारा स्थापित किया गया था।

पुलिस का दावा- अवैध कमाई से बनाई गई मिल

पुलिस का आरोप है कि इस एग्रो इंडस्ट्री का निर्माण विजय मिश्रा, उनकी पत्नी राम लली, बेटे विष्णु और उनके कथित गिरोह के अन्य सदस्यों की अवैध कमाई से किया गया था। कार्रवाई से पहले सभी आवश्यक कानूनी मंजूरियां ली गईं और महाराष्ट्र प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया गया। भदोही पुलिस ने स्थानीय जिला प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद कुर्की का आदेश लागू किया।

2020 से जेल में बंद हैं विजय मिश्रा

बता दें कि भदोही की ज्ञानपुर विधानसभा सीट से 4 बार विधायक रहे विजय मिश्रा वर्ष 2020 से आगरा केंद्रीय कारागार में बंद हैं। उनके खिलाफ कई मामलों में मुकदमे चल रहे हैं। इनमें साल 2010 में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' पर हुए बम हमले का मामला भी शामिल है, जिसमें द इंडियन एक्सप्रेस के वरिष्ठ पत्रकार विजय प्रताप सिंह की मौत हो गई थी।

241 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां हो चुकी हैं कुर्क

भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने कहा कि यह कार्रवाई संगठित अपराध से अर्जित कथित संपत्तियों को ध्वस्त करने की मुहिम का हिस्सा है। पुलिस के मुताबिक, साल 2022 से 2025 के बीच गैंगस्टर्स एक्ट के तहत विजय मिश्रा से जुड़े मामलों में अब तक 241.29 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।

कौन हैं पूर्व विधायक विजय मिश्रा

विजय मिश्रा ने भदोही की ज्ञानपुर विधानसभा सीट से 4 बार जीत दर्ज की थी। उन्होंने 2002, 2007 और 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीते थे, जबकि 2017 का चुनाव उन्होंने निषाद पार्टी के टिकट पर जीता था। पूर्व विधायक विजय मिश्रा का नाम लंबे समय से राजनीति और आपराधिक मामलों दोनों को लेकर चर्चा में रहा है। आरोप है कि राजनीति में सक्रिय होने से पहले भी उनका नाम कई आपराधिक घटनाओं से जुड़ता रहा। बाद के सालों में भी विभिन्न मामलों में उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए, जिसके चलते वे लगातार सुर्खियों में बने रहे।

1990 में बने भदोही के ब्लॉक प्रमुख

विजय मिश्रा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करीब 36 साल पहले की थी। उन्होंने कांग्रेस से जुड़कर साल 1990 में भदोही के ब्लॉक प्रमुख का पद संभाला। यहीं से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई और धीरे-धीरे उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई।

कई स्थानीय चुनावों में दर्ज की जीत

ब्लॉक प्रमुख बनने के बाद विजय मिश्रा ने ज्ञानपुर, भदोही और मिर्जापुर क्षेत्र में जिला प्रमुख के चुनाव भी जीते। लगातार चुनावी सफलताओं के चलते पूर्वांचल की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाने लगी।

2022 विधानसभा चुनाव में मिली हार

साल 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में निषाद पार्टी ने विजय मिश्रा को टिकट नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली और वे तीसरे स्थान पर रहे।

87 आपराधिक मामले दर्ज, कई मामलों में सुनाई जा चुकी है सजा

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विजय मिश्रा के खिलाफ वर्षों में कुल 87 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से सात मामलों में उन्हें दोषी ठहराया जा चुका है, जबकि कई अन्य मामले अभी अदालतों में लंबित हैं।

मई में संपत्ति कब्जाने के मामले में मिली 10 साल की सजा

इस साल मई में भदोही की एक अदालत ने रिश्तेदार की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने के मामले में विजय मिश्रा को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इसी मामले में उनकी पत्नी एवं पूर्व MLC राम लली और बेटे विष्णु को भी 10-10 साल की सजा मिली थी। वहीं उनकी बहू रूपा मिश्रा को 4 साल की सजा सुनाई गई थी। रूपा मिश्रा को बाद में जमानत मिल गई, जबकि अन्य दोषी अब भी जेल में हैं।

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