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सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बीच हंगामा, अपशब्द बोलने और मारपीट के आरोप में दो लॉ स्टूडेंट गिरफ्तार

Law Students Arrested: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हंगामा, अपशब्द बोलने और सुरक्षा कर्मी से मारपीट के आरोप में दो लॉ स्टूडेंट को गिरफ्तार किया गया। दोनों को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
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लखनऊ

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Ankit Sai

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Updated: 15 Jul 2026, 3:42 PM IST

Law Students Arrested

पुलिस ने दो लॉ स्टूडेंट को किया गिरफ्तार (X Photo)

Supreme Court Disruptio: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हंगामा करने के आरोप में दो लॉ स्टूडेंट को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि एक छात्र ने कोर्ट में गाली-गलौज की, कोर्ट में कागज फेंके और माहौल खराब कर दिया। उसे रोकने पहुंचे सुरक्षा कर्मी के साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद पुलिस ने दोनों छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल दोनों पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।

कोर्ट में कागज फेंककर किया हंगामा

पुलिस के मुताबिक, 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 13 में प्रबल प्रताप सिंह की उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ दायर विशेष अनुमति (सिविल) याचिका पर सुनवाई चल रही थी। इस मामले में इटावा निवासी और लखनऊ विश्वविद्यालय के तीसरे साल के कानून के छात्र प्रबल प्रताप सिंह (24) खुद याचिकाकर्ता के रूप में अदालत में पेश हुए थे। उनके साथ रायबरेली निवासी और दूसरे साल के कानून के छात्र चंदर (23) भान भी मौजूद था।

आरोप है कि सुनवाई के दौरान प्रबल प्रताप ने अपशब्द का इस्तेमाल किया, अदालत के अंदर कागज फेंके और हंगामा किया, जिससे सुनवाई प्रभावित हुई। पुलिस ने इस मामले में प्रबल प्रताप सिंह और चंदर भान दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

सुरक्षा कर्मी को रोकने पर हुआ विवाद

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान प्रबल प्रताप सिंह (24) और चंदर भान (23) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक प्रबल प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश के इटावा जिले का रहने वाला है और लखनऊ विश्वविद्यालय में तीसरे वर्ष का लॉ स्टूडेंट है। वहीं चंदर भान रायबरेली का रहने वाला है और दूसरे वर्ष में लॉ की पढ़ाई कर रहा है।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब सुरक्षा कर्मियों ने अदालत की व्यवस्था बनाए रखने और उसे रोकने की कोशिश की, तब उसने शिकायतकर्ता के साथ धक्का-मुक्की की।

जांच में आपत्तिजनक पर्चे भी मिले

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कुछ आपत्तिजनक पर्चे भी बरामद किए। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन पर्चों का उद्देश्य क्या था और उन्हें अदालत परिसर में क्यों लाया गया था। सुप्रीम कोर्ट के एक सुरक्षा कर्मचारी की शिकायत पर तिलक मार्ग थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।