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सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, बोले- अनशन से नुकसान हुआ तो कौन करेगा भरपाई

Sonam Wangchuk: दिल्ली में जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर अब ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बड़ा बयान दिया है। जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा...
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लखनऊ

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Mohsina Bano

Jul 15, 2026

Sonam Wangchuk, Sonam Wangchuk Hunger Strike, Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand, PM Modi, PMO India, CJP, Abhijeet Dipke, NEET Paper, Dharmendra Pradhan

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर शंकराचार्य का बड़ा बयान (फोटो- पत्रिका)

Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand: दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर लगातार भूख हड़ताल पर बैठे देश के मशहूर समाजसेवी सोनम वांगचुक की सेहत लगातार गिरती जा रही है। इन सबके बीच सोनम वांगचुक को नेताओं, अभिनेताओं से लेकर संतों का भी खुला समर्थन मिलने लगा है। अब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर अपना रुख बिल्कुल साफ करते हुए भारत सरकार से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग कर दी है।

'सरकार करे तत्काल हस्तक्षेप'

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय और भारत सरकार से भावुक अपील की है कि वे वांगचुक के अनशन का बिना देरी किए संज्ञान लें। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार को इस बेहद संवेदनशील मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और कोई ठोस निर्णय लेना चाहिए ताकि उनकी भूख हड़ताल को जल्द से जल्द खत्म कराया जा सके।

शारीरिक और मानसिक क्षति की भरपाई कौन करेगा?

सोनम वांगचुक के लगातार गिरते स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शंकराचार्य ने सरकार से एक सवाल भी पूछा है। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक अनशन पर बैठने से यदि सोनम वांगचुक को भविष्य में किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक क्षति पहुंचती है तो आखिर इसकी भरपाई कौन करेगा? उनका यह बयान वांगचुक की बिगड़ती सेहत के प्रति उनकी गंभीर चिंता को दर्शाता है।

हमने स्वयं किए हैं उपवास, वांगचुक का दर्द समझते हैं

शंकराचार्य ने वांगचुक के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति और संवेदना जताते हुए कहा कि वे खुद भी अपने जीवन में कई बार उपवास कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उपवास के दौरान शरीर और मन पर क्या बीतती है इसका उन्हें पूरा और व्यक्तिगत अनुभव है। उन्होंने अंत में कहा कि अपने इन्ही अनुभवों के आधार पर हम अच्छी तरह से जानते हैं और समझ सकते हैं कि इस समय सोनम वांगचुक किस दर्द और शारीरिक कष्ट की स्थिति से गुजर रहे होंगे।

जानिए क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ चल रहे इस विरोध प्रदर्शन और अनशन का आज 18वां दिन है। लगातार भूखे रहने के कारण सोनम वांगचुक की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी है। अब सीजेपी के समर्थक और विपक्षी दल उनसे तुरंत अनशन खत्म करने की अपील कर रहे हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा कदम

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक के अनशन मामले में एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। अदालत वांगचुक की लगातार बिगड़ती सेहत से जुड़ी एक जनहित याचिका (PIL) पर अब गुरुवार को सुनवाई करने जा रही है। पहले इस गंभीर मामले पर आज यानी बुधवार को ही कोर्ट में चर्चा होनी थी लेकिन वकीलों की हड़ताल के कारण सुनवाई को एक दिन के लिए टालना पड़ा। मामले की संवेदनशीलता और वांगचुक की गिरती तबीयत को देखते हुए कोर्ट ने भी स्पष्ट कर दिया है कि इस जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई करना बेहद जरूरी है।