उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर भूमिका तेजी से बनाई जा रही है। जिसमें सपा, सुभासपा और शिवपाल का एक दूसरे पर कमेन्ट का दौर तेजी से चल रहा है। दूसरी ओर राष्ट्रपति चुनावों में भाजपा का साथ देने वाली मायावती अब भाजपा से दो दो हाथ करने के मूड में आ चुकी हैं। वही भाजपा ने भी मायावती को ट्रान्सफर पोस्टिंग का व्यापारी कह डाला है।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को बसपा कार्यालय में बड़ी बैठक की। इस दौरान उन्होने कहा कि, यूपी में जिस तरह से भ्रष्टाचार बढ़ रहा है, वो दिखाता है कि, अबकी भाजपा सरकार से ज्यादा सुरक्षा और विकास के काम बसपा ने अपनी सरकार में किए थे। उस दौरान प्रदेश में महिलाएं बच्चे सब सुरक्षित थे। लेकिन अब तो हर तरह अपराध बढ़ रहे हैं। वहीं मायावती की बातों का जवाब देते हुए भाजपा ने कहा कि, बसपा अपने शासन काल में जो ट्रान्सफर पोस्टिंग का व्यापार कर रही थीं, उसे याद करें। हमारी सरकार ने पूरी तरह से ऐसे खेल को खत्म करते हुए हर व्यक्ति और वर्ग पर कार्यवाई की है।
बसपा की 5 राज्यों के पदाधिकारियों के साथ बैठक
मायावती ने रविवार को लखनऊ कार्यालय में बैठक करते हुए कहा कि,। हमें अपने मिशन को तेजी से आगे बढ़ाना होगा। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों की समस्याओं को हम उठाकर उन्हें न्याय दिला सकें। इसमें गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के वरिष्ठ पदाधिकारियों शामिल हुए। इसमें उन्होंने यूपी सरकार पर कई आरोप लगाए। हमें यूपी, महाराष्ट्र, गुजरात में सबसे ज्यादा नजर रखने की जरूरत है।
यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार में ट्रान्सफर पोस्टिंग में धांधली
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि, ट्रांसफर-पोस्टिंग में बड़ी मछलियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे जनता के प्रति काम की ज़िम्मेदारी पूरी नहीं हो पा रही है। मायावती ने कहा कि, दलितों-पिछड़ों और धार्मिक अल्पसंख्यक लोगों की उपेक्षा और शोषण किया गया है। सभी लोगों का एकमात्र सहारा बसपा पार्टी ही बची हुई है। हमें अंबेडकर के बताए रास्ते पर चलना होगा। हर राज्य के स्टेट कोऑर्डिनेटर अपने राज्य में बैठक कर संगठन को बढ़ाएं और आगामी चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं।’’
भाजपा की ओर से बयान जारी करते हुए प्रवक्ता ने कहा कि: "मायावती के शासनकाल में तबादले का उत्तर प्रदेश में उद्योग चलता था जबकि बीजेपी की सरकार में तबादलों के लिए सुस्पष्ट नीति कि, जहां नीति का उल्लंघन हुआ कि, वहाँ हमने कार्यवाही की है। सपा बसपा शासन काल में जाति और पैसों के आधार पर ट्रांसफर पोस्टिंग होती थी।"