6 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूपी पंचायत चुनाव पर लगा ब्रेक, विधानसभा चुनाव के बाद ही शुरू होगी प्रक्रिया, हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार

यूपी में पंचायत चुनाव टलने की संभावना बढ़ गई है। राजनीतिक दल 2027 विधानसभा चुनाव पर फोकस कर रहे हैं।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Anuj Singh

Apr 06, 2026

यूपी पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा ट्विस्ट!

यूपी पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा ट्विस्ट! Source- Patrika

UP Panchayat Chunav 2026: यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर कराना अब संभव नहीं रह गया है। ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों का मौजूदा कार्यकाल बहुत जल्द समाप्त होने वाला है। ऐसे में नई पंचायतों का गठन अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद ही हो पाएगा। प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को, क्षेत्र पंचायतों का 19 जुलाई को और जिला पंचायतों का 11 जुलाई को समाप्त हो रहा है। चुनाव की तैयारियों के लिए फाइनल मतदाता सूची 15 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन और आरक्षण की पूरी प्रक्रिया भी करनी होगी। इतने कामों को देखते हुए मौजूदा पंचायतों के कार्यकाल खत्म होने से पहले नई पंचायतें बनाना मुश्किल हो गया है।

अब क्या विकल्प बचे हैं?

मौजूदा प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाना। अगर कार्यकाल बढ़ाने में कोई कानूनी समस्या आई तो इन पदों पर प्रशासक नियुक्त करना। पिछले कई मामलों में जब समय पर चुनाव नहीं हो पाए तो प्रशासक बैठाए गए थे। इस बार भी वही स्थिति बनती दिख रही है।

सभी पार्टियां चुनाव टालना चाहती हैं

विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। इसलिए भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा जैसी सभी बड़ी पार्टियों का पूरा फोकस विधानसभा चुनाव पर है। कोई भी पार्टी अभी स्थानीय पंचायत चुनावों में उलझना नहीं चाहती। पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भी साफ कहा है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही अभी पंचायत चुनाव नहीं कराना चाहते। सपा और कांग्रेस की तरफ से भी चुनाव कराने की कोई मांग नहीं आई है।

हाईकोर्ट में चल रहा है मामला

पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याची ने कहा है कि मतदाता सूची अप्रैल के मध्य में फाइनल होने के बाद आरक्षण की जटिल प्रक्रिया पूरी करने के लिए बहुत कम समय बचेगा। ऐसी स्थिति में चुनाव टलने की आशंका बढ़ गई है। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग से इस मामले में एफिडेविट (शपथ-पत्र) मांगा था। सूत्रों के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग ने अपना एफिडेविट अदालत में जमा कर दिया है और अपनी तैयारियों की जानकारी दी है। अब सभी की नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं। अगर कोर्ट चुनाव कराने का आदेश देता है तो सरकार को जल्दी तैयारियां करनी होंगी। लेकिन फिलहाल लग रहा है कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद ही होंगे।

विधानसभा चुनाव पर पूरा ध्यान

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाने की सबसे बड़ी वजह राजनीतिक दलों का 2027 के विधानसभा चुनाव पर पूरा ध्यान केंद्रित करना है। चाहे कार्यकाल बढ़ाया जाए या प्रशासक नियुक्त किए जाएं, मौजूदा पंचायतों का काम जारी रहेगा। अंतिम फैसला हाईकोर्ट करेगा।