
BJP Attacks Akhilesh Yadav Azam Khan: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जेल में वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी ने सपा और आजम खान पर तीखा हमला बोला है। राजधानी लखनऊ में बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को आड़े हाथों लेते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि आजम खान के साथ किसी ने सबसे बड़ा अन्याय और अत्याचार किया है, तो वे स्वयं अखिलेश यादव हैं। दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि जिस समय आजम खान अपने ही समाज और मुस्लिम समुदाय पर जुल्म ढा रहे थे, उस वक्त प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ही थे। उन्हीं की शह और सत्ता के संरक्षण के कारण आजम खान ने कानून-विरोधी कार्य किए, जिसका खामियाजा वे आज भुगत रहे हैं।
बीजेपी प्रवक्ता ने अखिलेश यादव की राजनीति को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब भी कोई मुस्लिम समुदाय के हक, मान-सम्मान और अधिकार की बात करता है, तो अखिलेश यादव उसे भाजपा की 'बी-टीम' करार दे देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश का मुस्लिम समाज अब सपा के बहकावे में आने वाला नहीं है। अखिलेश यादव का अचानक आजम खान के प्रति जागा प्रेम किसी आत्मीयता का परिणाम नहीं है, बल्कि यह केवल तुष्टिकरण की राजनीति के तहत मुस्लिम वोट बैंक को साधे रखने की एक नाकाम कोशिश है।
नई दिल्ली में बीजेपी के यूपी प्रवक्ता अभिषेक कृष्ण दुबे ने भी अखिलेश-आजम की मुलाकात पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात कोई पहली बार नहीं हुई है, वे पहले भी कई बार मिलते रहे हैं। असल में, तुष्टिकरण का सहारा लेकर राजनीति करना समाजवादी पार्टी का चिरपरिचित अंदाज रहा है। चुनावी मौसम आते ही सपा को अपने मुस्लिम नेताओं और वोट बैंक की याद आने लगती है।
उधर, मथुरा में यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने आजम खान पर बड़ा जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि आजम खान ने हमेशा उत्तर प्रदेश में हिंदुत्व विरोधी और देश विरोधी बयानबाजी की है। जौहर यूनिवर्सिटी से लेकर अन्य मामलों में उन्होंने जो भी गैर-कानूनी काम किए, कानून ने आज उसका हिसाब कर उन्हें सजा सुनाई है। मंत्री ने दो टूक कहा कि गलत और अपराधी प्रवृत्ति के लोगों का बचाव करना समाजवादी पार्टी की पुरानी फितरत रही है, लेकिन योगी सरकार में कानून का राज कायम है।