
उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम (ANI Photo)
UP Politics:उत्तर प्रदेश में अपराध, दलित उत्पीड़न, महिलाओं के खिलाफ अपराध और एनकाउंटर को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने दावा किया कि देश में दलित उत्पीड़न के कुल मामलों में 26 फीसदी अकेले उत्तर प्रदेश में होते हैं। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराध और एनकाउंटर के मामलों को लेकर भी प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि सरकार को कानून और न्यायालयों पर भरोसा होना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर किसी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करनी है तो उसे गिरफ्तार कर जांच की जानी चाहिए, चार्जशीट दाखिल होनी चाहिए और अदालत में मुकदमे की सुनवाई के बाद दोष सिद्ध होने पर सजा दी जानी चाहिए।
राजेंद्र पाल गौतम ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में दलित उत्पीड़न के जितने मामले दर्ज होते हैं, उनमें से 26 फीसदी अकेले उत्तर प्रदेश में होते हैं। उन्होंने इसे प्रदेश में अपराध की स्थिति से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराध का जिक्र करते हुए दावा किया कि देश में बलात्कार और उत्पीड़न के सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश में होते हैं।
कांग्रेस नेता ने एनकाउंटर को लेकर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में एनकाउंटर के नाम पर सबसे ज्यादा हत्याएं उत्तर प्रदेश में हुई हैं। उन्होंने कहा कि कुछ एनकाउंटर जायज हो सकते हैं, लेकिन उनके मुताबिक फर्जी एनकाउंटर के मामले भी बड़ी संख्या में हो रहे हैं। राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि सरकार को किसी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते समय कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। उनके अनुसार, अपराध के आरोप लगने मात्र से किसी व्यक्ति को सजा देना उचित नहीं है।
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि कानून के मुताबिक पहले आरोपी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इसके बाद मामले की जांच, चार्जशीट दाखिल करने और अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत में आरोप तय किए जाएं, साक्ष्य दर्ज हों और आरोपी दोषी साबित हो तो उसे सख्त से सख्त सजा दी जाए। कांग्रेस नेता के मुताबिक, इस प्रक्रिया से ही न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है।
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि अगर सरकार आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा दिलाने के बजाय एनकाउंटर का रास्ता अपनाती है, तो इससे न्यायालय और कानून पर उसके भरोसे को लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था में अदालत की भूमिका अहम है और किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कानून के दायरे में होनी चाहिए।
Updated on:
22 Oct 2026, 4:23 PM IST
Published on:
22 Oct 2026, 4:03 PM IST
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