लखनऊ

चेहरा झुलसने के बाद छलका अनुपमा जायसवाल का दर्द, बोलीं- शब्दों में नहीं बता सकती पीड़ा

Anupama Jaiswal Viral Statement : भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल ने चेहरा झुलसने की घटना पर पहली बार दर्द साझा किया। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद की पीड़ा और मानसिक आघात को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

3 min read
May 21, 2026
अखिलेश का पुतला फूंकने के दौरान झुलसा था चेहरा, अनुपमा जायसवाल ने पहली बार बयां किया दर्द (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

BJP MLA Anupama Jaiswal: अनुपमा जायसवाल ने अपने चेहरे के झुलसने की घटना के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी पीड़ा साझा की है। सोशल मीडिया पर किए गए भावुक पोस्ट और बयान में उन्होंने कहा कि जिस दर्द और मानसिक तकलीफ से वह गुजरी हैं, उसे शब्दों में पूरी तरह बयान करना संभव नहीं है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें

PhD Admission: संगीत और नृत्य में करियर बनाने वालों के लिए खुशखबरी, भातखंडे में पीएचडी प्रवेश शुरू

पुतला दहन के दौरान हुआ था हादसा

यह हादसा उस समय हुआ था जब भाजपा कार्यकर्ता समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का पुतला फूंक रहे थे। इसी दौरान अचानक पुतले में तेज धमाका हुआ और आग की लपटें फैल गईं। हादसे में विधायक अनुपमा जायसवाल का चेहरा झुलस गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें संभाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। कई कार्यकर्ता भी घबरा गए थे। हालांकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।

“मैंने उस पीड़ा को सहा है”

घटना के बाद पहली बार अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट साझा करते हुए अनुपमा जायसवाल ने लिखा-“जब मेरा चेहरा जला, उस दर्द को मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। मैंने उस पीड़ा को सहा है।” उन्होंने कहा कि यह केवल शारीरिक दर्द नहीं था बल्कि मानसिक रूप से भी वह काफी परेशान रहीं। उनका कहना है कि हादसे के बाद जब उन्होंने खुद को देखा तो वह बेहद भावुक हो गईं। कई दिनों तक वह सामान्य स्थिति में नहीं आ पाईं।

“हर जगह से शीशा हटा दिया गया”

अपने बयान में अनुपमा जायसवाल ने एक बेहद भावुक बात भी कही। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद उनके आसपास मौजूद हर जगह से शीशे हटा दिए गए थे ताकि वह खुद को देखकर और ज्यादा परेशान न हों। उन्होंने कहा कि उस समय परिवार और करीबियों ने उनका काफी हौसला बढ़ाया। उनके इस बयान ने लोगों को भावुक कर दिया। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग उनकी हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं।

अखिलेश यादव पहुंचे थे अस्पताल

घटना के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी अस्पताल पहुंचे थे और उन्होंने अनुपमा जायसवाल का हालचाल जाना था। राजनीतिक मतभेदों से अलग इस मुलाकात को मानवीय संवेदनाओं से जोड़कर देखा गया। कई लोगों ने इसे सकारात्मक राजनीति की मिसाल बताया। राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा रही कि गंभीर हादसे के समय नेताओं को राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर मानवीय व्यवहार दिखाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट

अनुपमा जायसवाल की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। हजारों लोगों ने पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके साहस और आत्मविश्वास की सराहना की।कई लोगों ने लिखा कि इतने बड़े हादसे के बाद भी उनका मजबूत होकर सामने आना प्रेरणादायक है।

  • एक यूजर ने लिखा-“दर्द चाहे कितना भी बड़ा हो, हिम्मत इंसान को फिर खड़ा कर देती है।”
  • दूसरे यूजर ने कहा-“आपका संघर्ष उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो मुश्किल समय से गुजर रहे हैं।”

मानसिक आघात भी कम नहीं

विशेषज्ञों के अनुसार चेहरे पर जलने जैसी घटनाएं केवल शारीरिक चोट नहीं होती, बल्कि मानसिक रूप से भी व्यक्ति को गहराई से प्रभावित करती हैं। ऐसे हादसों के बाद कई लोगों में आत्मविश्वास की कमी, तनाव और डर जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज को शारीरिक उपचार के साथ मानसिक समर्थन की भी जरूरत होती है। परिवार और दोस्तों का सहयोग ऐसे समय में बेहद महत्वपूर्ण होता है।

भाजपा कार्यकर्ताओं में चिंता

हादसे के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में चिंता का माहौल था। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पार्टी नेताओं ने भी उनसे मुलाकात कर उनका हाल जाना और हिम्मत बढ़ाई। राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता को लेकर भी अब सवाल उठने लगे हैं।

ये भी पढ़ें

Farmer ID: योगी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, खाद की तस्करी रोकने को नई व्यवस्था लागू
Also Read
View All