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Farmer ID: योगी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, खाद की तस्करी रोकने को नई व्यवस्था लागू

Farmer ID rule: उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देते हुए लखनऊ मंडल में 27.94 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराया है। अब उर्वरक की बिक्री केवल फार्मर आईडी के जरिए होगी।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

May 19, 2026

कालाबाजारी रोकने के लिए फार्मर आईडी से होगी उर्वरक बिक्री, प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

कालाबाजारी रोकने के लिए फार्मर आईडी से होगी उर्वरक बिक्री, प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Farmer ID Farming Update: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। खेती के मौजूदा सीजन को देखते हुए सरकार ने लखनऊ मंडल में उर्वरक (खाद) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध कराया है। प्रशासन के अनुसार इस बार मंडल में कुल 27.94 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का स्टॉक मौजूद है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.13 लाख मीट्रिक टन अधिक बताया जा रहा है।

सरकार ने साफ किया है कि किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके साथ ही उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और तस्करी रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए गए हैं। अब खाद की बिक्री पूरी तरह फार्मर आईडी के माध्यम से की जाएगी।

किसानों को समय पर मिलेगी खाद

हर साल बुवाई और खेती के सीजन में किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ता है। कई बार कालाबाजारी और जमाखोरी के कारण किसानों को महंगे दामों पर उर्वरक खरीदना पड़ता है।इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने इस बार पहले से ही पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण सुनिश्चित किया है।

अधिकारियों के मुताबिक

  • .डीएपी (DAP)
  • .यूरिया
  • .एनपीके
  • .पोटाश

जैसे प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मंडल के गोदामों और बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध कराया गया है।

पिछले साल से ज्यादा स्टॉक

प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार इस बार खाद का स्टॉक पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है।

वर्षउपलब्ध स्टॉक
पिछला वर्ष24.81 लाख मीट्रिक टन
चालू वर्ष27.94 लाख मीट्रिक टन

फार्मर आईडी से होगी बिक्री

उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब खाद की बिक्री केवल फार्मर आईडी के जरिए की जाएगी।

  • कालाबाजारी रोकना
  • फर्जी खरीद पर लगाम लगाना
  • वास्तविक किसानों तक खाद पहुंचाना
  • तस्करी रोकना है। अधिकारियों का कहना है कि कई बार कुछ लोग बड़ी मात्रा में खाद खरीदकर उसे महंगे दामों पर बेच देते हैं। नई व्यवस्था से इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगेगी।

कालाबाजारी और तस्करी पर सख्ती

प्रदेश सरकार ने उर्वरक की अवैध बिक्री और दूसरे राज्यों में तस्करी रोकने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं।

  • .खाद गोदामों की नियमित जांच
  • .बिक्री केंद्रों की निगरानी
  • .स्टॉक सत्यापन
  • .डिजिटल रिकॉर्ड
  • .संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई

जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी दुकान पर अधिक कीमत वसूली या अवैध भंडारण पाया जाता है, तो तत्काल कार्रवाई की जाए।

किसानों से की गई खास अपील

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल जरूरत के अनुसार ही खाद खरीदें। अधिकारियों का कहना है कि कई बार किसान भविष्य की चिंता में जरूरत से ज्यादा उर्वरक खरीदकर जमा कर लेते हैं, जिससे कृत्रिम कमी की स्थिति बन जाती है।

  • अनावश्यक भंडारण न करें
  • अधिक मात्रा में खरीदारी से बचें
  • अधिकृत केंद्रों से ही खाद लें
  • रसीद अवश्य प्राप्त करें

ताकि सभी किसानों को समान रूप से खाद उपलब्ध हो सके।

अनुदानित दरों पर मिलेगी खाद

सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों को उर्वरक अनुदानित दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी योजना के तहत किसानों को बाजार मूल्य से कम कीमत पर खाद मिलती है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दुकान पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

खेती के लिए क्यों जरूरी है पर्याप्त उर्वरक

विशेषज्ञों के अनुसार अच्छी फसल उत्पादन के लिए समय पर खाद मिलना बेहद जरूरी होता है। धान, मक्का, गन्ना और दलहन जैसी फसलों की बुवाई के समय किसानों को बड़ी मात्रा में उर्वरक की आवश्यकता पड़ती है।

यदि समय पर खाद न मिले तो :

  • फसल की वृद्धि प्रभावित होती है
  • उत्पादन कम हो सकता है
  • किसानों की लागत बढ़ती है
  • आर्थिक नुकसान होता है

इसीलिए सरकार खाद उपलब्धता को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है।

कृषि विभाग की निगरानी बढ़ी

कृषि विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से उर्वरक वितरण की निगरानी कर रहे हैं। जिलों में कंट्रोल रूम भी सक्रिय किए गए हैं ताकि किसानों की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा सके।

  • .खाद न मिलने
  • . अधिक कीमत वसूली
  • . नकली उर्वरक
  • .कालाबाजारी

जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो वह कृषि विभाग में शिकायत दर्ज करा सकता है।

किसानों ने जताई खुशी

सरकार द्वारा पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराने की घोषणा के बाद किसानों में राहत का माहौल है। किसानों का कहना है कि पिछले वर्षों में कई बार खाद के लिए लंबी लाइनें लगानी पड़ी थीं, लेकिन इस बार पर्याप्त स्टॉक की खबर से चिंता कम हुई है। हालांकि किसानों ने यह भी कहा कि प्रशासन को जमीनी स्तर पर निगरानी मजबूत करनी होगी ताकि वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंच सके।

खास बातें एक नजर में

बिंदुजानकारी
कुल स्टॉक27.94 लाख मीट्रिक टन
पिछले साल से अधिक3.13 लाख मीट्रिक टन
नई व्यवस्थाफार्मर आईडी से बिक्री
उद्देश्यकालाबाजारी रोकना
उपलब्ध उर्वरकयूरिया, DAP, NPK, पोटाश
सरकार की अपीलजरूरत अनुसार ही खरीदें