
कालाबाजारी रोकने के लिए फार्मर आईडी से होगी उर्वरक बिक्री, प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
Farmer ID Farming Update: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। खेती के मौजूदा सीजन को देखते हुए सरकार ने लखनऊ मंडल में उर्वरक (खाद) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध कराया है। प्रशासन के अनुसार इस बार मंडल में कुल 27.94 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का स्टॉक मौजूद है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.13 लाख मीट्रिक टन अधिक बताया जा रहा है।
सरकार ने साफ किया है कि किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके साथ ही उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और तस्करी रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए गए हैं। अब खाद की बिक्री पूरी तरह फार्मर आईडी के माध्यम से की जाएगी।
हर साल बुवाई और खेती के सीजन में किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ता है। कई बार कालाबाजारी और जमाखोरी के कारण किसानों को महंगे दामों पर उर्वरक खरीदना पड़ता है।इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने इस बार पहले से ही पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण सुनिश्चित किया है।
अधिकारियों के मुताबिक
जैसे प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मंडल के गोदामों और बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध कराया गया है।
प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार इस बार खाद का स्टॉक पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है।
| वर्ष | उपलब्ध स्टॉक |
|---|---|
| पिछला वर्ष | 24.81 लाख मीट्रिक टन |
| चालू वर्ष | 27.94 लाख मीट्रिक टन |
उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब खाद की बिक्री केवल फार्मर आईडी के जरिए की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने उर्वरक की अवैध बिक्री और दूसरे राज्यों में तस्करी रोकने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं।
जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी दुकान पर अधिक कीमत वसूली या अवैध भंडारण पाया जाता है, तो तत्काल कार्रवाई की जाए।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल जरूरत के अनुसार ही खाद खरीदें। अधिकारियों का कहना है कि कई बार किसान भविष्य की चिंता में जरूरत से ज्यादा उर्वरक खरीदकर जमा कर लेते हैं, जिससे कृत्रिम कमी की स्थिति बन जाती है।
ताकि सभी किसानों को समान रूप से खाद उपलब्ध हो सके।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों को उर्वरक अनुदानित दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी योजना के तहत किसानों को बाजार मूल्य से कम कीमत पर खाद मिलती है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दुकान पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार अच्छी फसल उत्पादन के लिए समय पर खाद मिलना बेहद जरूरी होता है। धान, मक्का, गन्ना और दलहन जैसी फसलों की बुवाई के समय किसानों को बड़ी मात्रा में उर्वरक की आवश्यकता पड़ती है।
यदि समय पर खाद न मिले तो :
इसीलिए सरकार खाद उपलब्धता को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है।
कृषि विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से उर्वरक वितरण की निगरानी कर रहे हैं। जिलों में कंट्रोल रूम भी सक्रिय किए गए हैं ताकि किसानों की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा सके।
जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो वह कृषि विभाग में शिकायत दर्ज करा सकता है।
सरकार द्वारा पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराने की घोषणा के बाद किसानों में राहत का माहौल है। किसानों का कहना है कि पिछले वर्षों में कई बार खाद के लिए लंबी लाइनें लगानी पड़ी थीं, लेकिन इस बार पर्याप्त स्टॉक की खबर से चिंता कम हुई है। हालांकि किसानों ने यह भी कहा कि प्रशासन को जमीनी स्तर पर निगरानी मजबूत करनी होगी ताकि वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंच सके।
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| कुल स्टॉक | 27.94 लाख मीट्रिक टन |
| पिछले साल से अधिक | 3.13 लाख मीट्रिक टन |
| नई व्यवस्था | फार्मर आईडी से बिक्री |
| उद्देश्य | कालाबाजारी रोकना |
| उपलब्ध उर्वरक | यूरिया, DAP, NPK, पोटाश |
| सरकार की अपील | जरूरत अनुसार ही खरीदें |
Published on:
19 May 2026 12:58 pm
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