19 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विधानसभा चुनाव के बाद ही होंगे UP पंचायत चुनाव!, जानें कब तक OBC आयोग की आएगी रिपोर्ट

Up Panchayat Chunav News : उत्तर प्रदेश में अब विधानसभा चुनाव के बाद ही पंचायत चुनाव होंगे। योगी कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट के 'ट्रिपल टेस्ट' के लिए समर्पित OBC आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। जानें कब आएगी रिपोर्ट और क्या है पूरा मामला।

2 min read
Google source verification
UP Election

कब होंगे पंचायत चुनाव, PC- Patrika

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 18 मई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में 'उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' के गठन को मंजूरी दे दी गई।

वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है, लेकिन आयोग की रिपोर्ट और प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव टल गए हैं। ये चुनाव अब 2027 विधानसभा चुनावों के बाद ही संभावित हैं। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 'ट्रिपल टेस्ट' फॉर्मूले का पालन करते हुए लिया गया है।

5 सदस्यीय होगा OBC आयोग

  • अध्यक्ष: उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश को बनाया जाएगा।
  • अन्य सदस्य: पिछड़े वर्गों से संबंधित सामाजिक, प्रशासनिक और कानूनी मामलों के विशेषज्ञ।

आयोग का मुख्यालय लखनऊ में होगा। सामान्य कार्यकाल 6 महीने का होगा, यानी नवंबर 2026 तक रिपोर्ट सबमिट करने की उम्मीद है। राज्य सरकार द्वारा सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी।

आयोग कैसे बनाएगा रिपोर्ट?

आयोग पंचायतों (ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत) में OBC वर्ग के सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन का आधुनिक डेटा इकट्ठा करेगा।

  • सभी 75 जिलों में जाकर जातिवार सर्वेक्षण।
  • आबादी के अनुपात में आरक्षण की सिफारिशें।
  • यदि आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हुए तो आयोग खुद रैपिड सर्वे कराएगा।

OBC के लिए 27% की सीमा बरकरार रहेगी। आरक्षण निकायवार आबादी के अनुपात में होगा, लेकिन कुल सीटों का 27% से अधिक नहीं।

रिपोर्ट कब तक आएगी और आगे क्या प्रक्रिया?

  • आयोग 6 महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा।
  • रिपोर्ट के आधार पर OBC आरक्षण की नई सूची तैयार होगी।
  • आपत्तियां मांगी जाएंगी और उनका निस्तारण होगा।
  • इसके बाद राज्य चुनाव आयोग अधिसूचना जारी कर चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा।

पूरी प्रक्रिया में 2-4 महीने अतिरिक्त लग सकते हैं, इसलिए पंचायत चुनाव 2027 विधानसभा चुनावों के बाद ही होंगे।

कानूनी और संवैधानिक आधार

  • सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों (ट्रिपल टेस्ट) का पालन।
  • उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1947।
  • जिला पंचायत अधिनियम 1961।
  • संविधान के अनुच्छेद 243-घ और 1994 की नियमावली।

पिछला आयोग का कार्यकाल अक्टूबर 2025 में समाप्त हो चुका था, इसलिए नया समर्पित आयोग जरूरी था।

यह फैसला OBC वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में है। पंचायत चुनाव ग्रामीण स्तर पर राजनीतिक समीकरण तय करते हैं, इसलिए आरक्षण सूची सही और अद्यतन होना जरूरी है। विपक्षी दल पहले से ही देरी पर सवाल उठा रहे थे। सरकार का कहना है कि कानून का पालन करते हुए पारदर्शी तरीके से चुनाव कराए जाएंगे।

आयोग के गठन से पंचायत चुनाव का रास्ता कानूनी रूप से साफ हो गया है, लेकिन व्यावहारिक रूप से ये अब 2027 के बाद ही होंगे। OBC समाज में इस फैसले का स्वागत हो रहा है, क्योंकि नई रिपोर्ट उनके वर्तमान सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों पर आधारित होगी।