राजधानी के कई हिस्सों में बरसात का पानी घरो में घुस गया जिससे लोगो को बहुत ही परेशानियों का समाना करना पड़ रहा हैं।
लखनऊ, राजधानी में हुयी लगातार बारिश ने जहा पर लोगो का जीना बेहाल कर दिया हैं वही नगर निगम की पोल भी खोल दी हैं। राजधानी के कई हिस्सों में बरसात का पानी घरो में घुस गया जिससे लोगो को बहुत ही परेशानियों का समाना करना पड़ रहा हैं। इसी स्थिति को देखते हुए बीजेपी विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा।
लखनऊ उत्तर विधानसभा विधायक
डा. नीरज बोरा ने गत रात से सूबे की राजधानी में हुयी मूसलाधार बारिश से उत्पन्न भयावह स्थिति का जायजा लिया। डा. बोरा ने बारिश से उत्पन्न स्थिति से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया।
जो बिन्दुवार निम्नवत है
1. फैजुल्लागंज के चारों वार्डों प्रथम, द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ में अधिकांश इलाका जलमग्न रहा। वर्तमान में इस पूरे इलाके में जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। पूर्व में भी इस संबंध में शासन से कई बार अनुरोध किये जाने पर भी प्रस्तावित पक्के नाले के निर्माण में अभी तक कोई प्रगति नहीं हुयी है। वर्तमान में लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। क्षेत्रीय जनता में आक्रोश व्याप्त है।
2. जानकीपुरम से कुकरैल नाले तक ड्रेनेज की व्यवस्था इतनी खराब है कि पूरे क्षेत्र में लोगों के घरों में 2-2 फिट पानी भर जा रहा है।
3. अयोध्यादास प्रथम व द्वितीय वार्ड अन्तर्गत शिवलोक, शिवनगर एवं खदरा में बारिश का पानी एकत्रित हो गया है। पम्पिंग स्टेशन पर पर्याप्त सुविधाओं के अभाव एवं पम्प देर से चलने के कारण लोगों को जलमग्न की स्थिति को झेलना पड़ा।
4. गोमती पार चौक, मल्लाही टोला प्रथम एवं दौलतगंज में भी बारिश के जनजीवन अस्त–व्यस्त हो गया है। लोगों को बारिश से व्याप्क समस्याओं का सामना करना पडा। मल्लाही टोला प्रथम वार्ड अन्तर्गत राधाग्राम पुलिया का निर्माण न होने से जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुयी।
विधायक डा. नीरज बोरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया कि बारिश से उत्पन्न समस्याओं के स्थायी निराकरण हेतु प्रदेश एवं जिला स्तर के अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही हेतु सख्त कदम उठाने के लिये आदेशित करें।
इसके साथ ही समस्याओं के निस्तारण के लिये स्थानीय स्तर पर डा. बोरा ने लखनऊ के जिलाधिकारी एवं नगर आयुक्त से बात कर उक्त समस्याओं पर कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश दिया एवं कहा कि आगे ऐसी भयावह स्थिति की पुनरावृत्ति न हो। जिससे जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना करना पडे।