जहां तक मुमकिन है जुलाई के अंतिम हफ्ते या अगस्त के पहले हफ्ते में ये फेरबदल हो सकता है।
लखनऊ. यूपी सरकार के मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की तैयारियां तेज हो गई हैं। जहां तक मुमकिन है जुलाई के अंतिम हफ्ते या अगस्त के पहले हफ्ते में ये फेरबदल हो सकता है। वहीं मंत्रालय खत्म किए जा सकते हैं, जिसके साथ कई मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। नीति आयोग की मंशा के अनुरूप विभागों के पुनर्गठन में यूपी सरकार ने तेजी ला दी है। इससे विभागों में बदलाव के साथ मंत्रिपदों में कटौती भी हो सकती है। आपको बता दें कि नीति आयोग ने यूपी के बिखरे विभागों को केंद्र सरकार के विभागों की तरह समन्वित करने की संभावना जाहिर है, जिसके तहत यूपी में 95 विभागों को 57 विभागों में समेटने का प्रस्ताव है। माना जा रहा है कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले कुछ नए चेहरे योगी कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं।
अमित शाह की यूपी दौरे के बाद सुगबुगाहट तेज-
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के यूपी दौरे के बाद फेरबदल की कयासे तेज हो गई है। हाल ही में पीएम मोदी संतकबीरनगर में एक कार्यक्रम में आए थे जिसमें कहा गया कि उन्होंने मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर मंथन किया है। वहीं बताया जा रहै कि संभव है कि अमित शाह ने मंत्रिमंडल को लेकर आज सीएम योगी से चर्चा की हो। सूत्रों का कहना है कि अमित शाह की मौजूदगी में है मंत्रिमंडल में फेरबदल पर लिए गए फैसले का ऐलान होगा।
चुनाव में मिली हार के बाद दागी मंत्रियों की होगी छुट्टी-
ये संभावना जताई जा रही है कि उपचुनाव में मिली हार के बाद ये फैसला लिया जा रहा है। वहीं लोकसभा चुनाव 2019 के पहले जातीय समीकरण को भी ध्यान में रखकर ये फेरबदल किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इस फेरबदल में योगी के करीबियों को जगह मिल सकती है। वहीं नॉन पर्फार्मिंग मंत्री या जिनके काम काज से हाई कमान संतुष्ट नहीं है, उनकी छुट्टी होगी।
नए चेहरों होंगे शामिल-
मंत्रिमंडल के कुछ पुराने चेहरों की जगह नए चेहरों को स्थान दिए जाने के साथ-साथ अवध, कानपुर, गोरखपुर समेत पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों के रिक्त पदों पर तैनाती की जाएगी। इसके लिए चेहरों की पहचान कर ली गई है। बैठक में इन पर केवल मुहर लगानी रह गई है।
विभागों में होगी कटौती-
उल्लेखनीय है कि सीएम समेत 25 कैबिनेट मंत्री और नौ स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री हैं। जिस तरह 57 विभागों में ही पुनर्गठन की चर्चा है, उससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि विभागों का बंटवारा भी इसी के अनुरूप होगा। भले ही पुनर्गठन के क्रियान्वयन में देरी हो लेकिन, उसके प्रस्ताव के अनुरूप मंत्रियों को विभाग आवंटित किये जा सकते हैं। 13 राज्यमंत्री हैं। इनकी संख्या में बढ़ोत्तरी की जा सकती है।