उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों पर उपचुनाव फरवरी महीने में हो सकते हैं।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों पर उपचुनाव फरवरी महीने में हो सकते हैं। गोरखपुर सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के और फूलपुर सीट उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे से खाली हुई है। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस बात के संकेत दिए हैं। लखनऊ में निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान से जुड़ी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस बात के संकेत दिए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू ने निर्वाचक नामावलियों को लेकर चलाये जा रहे विशेष अभियान से जुड़ी बातचीत के दौरान यह संकेत दिए।
चार चरणों में चलेगा वोटरों का नाम जोड़ने का अभियान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अब पोलिंग स्टेशनों की संख्या 1,47,148 से बढ़कर 1,59,957 हो गई है। प्रदेश के 403 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 14.15 करोड़ मतदाता वोटर लिस्ट में दर्ज हैं। विशेष अभियान शुरू कर 1 जनवरी 2018 को 18 साल की उम्र पूरी कर चुके युवाओं को वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा। विशेष अभियान के लिए चार तिथियां 31 दिसंबर 2017, 7 जनवरी, 21 जनवरी और 28 जनवरी 2018 निर्धारित की गई हैं। नामावलियों का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2018 को किया जाएगा।
निकाय चुनाव में हुई गड़बड़ी से लेंगे सबक
निकाय चुनाव में वोटर लिस्ट में हुई गड़बड़ियों के सवाल पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इस सम्बन्ध में राज्य निर्वाचन आयोग दोषियों पर कार्रवाई कर रहा है। जो कमियां रह गई थीं, उनसे सबक लेते हुए व्यवस्था को और बेहतर करेंगे। मतदाताओं में जागरूकता के मकसद से शिक्षण संस्थाओं में इलेक्टोरल लीडरशिप क्लब बनाकर विद्यार्थियों के माध्यम से अभियान को बढ़ावा दिया जाएगा। गैर सरकारी संस्थाओं की मदद ली जाएगी।
तीन राज्यों के चुनाव के साथ उपचुनाव का अनुमान
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उत्तर प्रदेश की गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों पर उपचुनाव से जुड़े सवाल भी पूछे गए। निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इस्तीफा देने से छह माह के भीतर चुनाव कराना जरूरी होता है। निर्वाचन की तिथियों की घोषणा भारत निर्वाचन आयोग करेगा। इस दौरान निर्वाचन अधिकारी ने संकेत दिए कि मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा में अगले वर्ष फरवरी में होने जा रहे विधान सभा चुनाव के साथ उत्तर प्रदेश में लोकसभा की खाली सीटों पर उपचुनाव हो सकते हैं।