
लखनऊ. उन्नाव रेप कांड में सीबीआई जोरों से जांच कर रही है। हाल ही में सीबीआई ने कुलदीप सिंह सेंगर के दो करीबियों से पूछताछ की है। एक पूर्व एसओ को लखनऊ तलब कर पूछताछ करने के बाद शुक्रवार को सीबीआई ने विधायक के दो करीबियों को लखनऊ बुलाकर घटना से संबंधित कई जानकारियां लीं। इससे पहले बुधवार को घटना के समय माखी थाना अध्यक्ष रहे अनिल सिंह को लखनऊ बुलाकर प्रकरण की जानकारी ली थी। शुक्रवार को सीबीआई ने विधायक के दो और करीबी युवकों को लखनऊ बुलाया। लखनऊ मुख्यालय में दोनों को से कई घंटों तक पूछताछ जारी रही।
सूत्रों का मानना है कि सीबीआई ने दुष्कर्म व किशोरी के पिता की हत्या के मामले में दोनों युवकों से तमाम सवाल जवाब किए। वहीं सीबीआई ने विभिन्न थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को भी निशाने पर लिया है। इनमें वे हैं जो जून 2017 से अप्रैल 2018 तक माखी थाने में तैनात थे। बता दें कि पुलिसकर्मियों से भी सीबीआई पूछताछ कर सकती है। वहीं माखी थाने के एक पूर्व एसओ से पूछताछ से पुलिस महकमे में हड़कंप है।
इन लोगों का हुआ ट्रांसफर व सवाल जवाब
विधायक के रेप कांड के मामले में सीबीआई ने इससे पहले कि सीओ कुंवर बहादुर सिंह से सवाल जवाब किए हैं। सूत्रों की मानें तो सीबीआई ने सीओ से किशोरी के पिता के साथ हुई मारपीट की घटना व आर्म्स एक्ट में जेल भेजने के मामले में सवाल जवाब किये हैं। इसके बाद शासन ने उन्नाव जिला कारागार में तीन डिप्टी जेलरों को गैर जिला तबादला कर दिया। इस ट्रांसफर को विधायक प्रकरण से जोड़ते हुए न्यायिक हिरासत में किशोरी के पिता की मौत की घटना की कार्रवाई की नजर से देखा जा रहा है। हालांकि विभाग के अधिकारी इसे रूटीन ट्रांसफर बता रहे हैं।
वहीं जिला कारागार में तैनात डिप्टी जेलर आलोक शुक्ला को भी प्रमोट कर के जेलर पद पर बरेली सेंट्रल जेल में ट्रांसफर कर दिया गया है। डिप्टी जेलर वंदना गौतम का रायबरेली और सुधाकर राव गौतम का आजमगढ़ में ट्रांसफर कर दिया गया। इसके स्थान पर लखनऊ जेल में डिप्टी जेलर राम सिंह, हमीरपुर में अखिलेश कुमार और महेंद्र सिंह को उन्नाव जेल में ट्रांसफर कर दिया गया है।