सीएम अखिलेश यादव यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन के काम और व्यवहार से काफी खुश हैं। इसलिए वो चाहते हैं कि लखनऊ में तैनात यूपी के वरिष्ठतम आईएएस अधिकारी आलोक रंजन को कम से कम तीन माह का सेवा विस्तार मिले। इसके लिए सीएम अखिलेश यादव ने आलोक रंजन के सेवा विस्तार के लिए प्रस्ताव पर अपनी मंजूरी भी दे दी है। इसके अलावा सीएम ने पीएम नरेंद्र मोदी को मुख्य सचिव के 6 माह के विस्तार के लिये पत्र भी लिखा है। बता दें कि आलोक रंजन 31 मार्च को रिटायर हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, आलोक रंजन के सेवा विस्तार की फ़ाइल पहले से ही केंद्र सरकार को भेज दी गयी है। जिसमें वर्तमान मुख्य सचिव के लिए छह महीने का अतिरिक्त कार्यकाल देने की बात कही गई है। हालांकि अधिकृत सूत्रों ने बताया कि नियमानुसार केंद्र सरकार तीन माह तक का सेवा विस्तार ही दे सकती है।
मुख्यमंत्री ने 1978 बैच के आईएएस आलोक रंजन के तीन महीने के सेवा विस्तार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। यदि नियमों में ज्यादा अवधि के सेवा विस्तार का उल्लेख होता तो ज्यादा समय के लिए सेवा विस्तार के लिए पत्र लिखा जाता।
केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के विभागीय मंत्री के नाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही आलोक रंजन के सेवा विस्तार पर फैसला करेंगे। आलोक रंजन की गिनती यूपी कैडर के अच्छे अधिकारियों में होती है। उनके यूपी आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष बनने के बाद मुख्यमंत्री से ब्यूरोक्रेसी के रिश्ते सुधरे हैं।
मुख्य सचिव के रूप में उनके काम की शैली और व्यवहार दोनों ही दूसरे अधिकारियों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। वे हमेशा सकारात्मक नजरिए से फैसले करते हैं। यही कारण हैं कि उनके कार्यकाल में सपा सरकार के विकास के कामकाज और जन कल्याणकारी योजनाओं का काम तेजी से हुआ है।