मुस्लिमों का एक तबका इसे गैर ठहरा रहा है, लेकिन महिलाओं पर जो बीत रही हैं, इसकी उन्हें कोई परवाह नहीं हैं।
लखनऊ. ट्रिपल तलाक का मुद्दा अभी भी गर्म हैं और आए दिन मुस्लिम समुदाय में शौहर अपनी पत्नी से छुटकारा पाने के लिए ये आसान तरीका अपना रहा है। मुस्लिमों का एक तबका इसे गैर ठहरा रहा है, लेकिन महिलाओं पर जो बीत रही हैं, इसकी उन्हें कोई परवाह नहीं हैं। बहरहाल सर्वोच्च न्यायालय ने अगस्त में तीन तलाक पर प्रतिबंध लगा दिया था और अब इसी कड़ी में ट्रिपल तलाक को गैर कानूनी ठहराने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार ने कोशिशें तेज कर दी हैं। राज्यों के मामले में उत्तर प्रदेश पहला प्रदेश बन गया है जिसके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस ओर सबसे पहला कदम उठाया है।
मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक मेें योगी सरकार ने केंद्र सरकार के मसौदे पर शत प्रतिशत सहमति दिखाई है, जिसमें एक साथ ट्रिपल तलाक देने वालों को 3 साल की सजा दी जा सकती है। आपको बता दें कि ट्रिपल तलाक पर कानून बनाने को लेकर मसौदा सभी राज्यों की सहमति के लिए भेजा गया है। हालांकि बाकी राज्य अभी भी इस पर मंथन कर रहे हैं, लेकिन योगी सरकार ने मंगलवार शाम को बुलाई गई कैबिनेट में इस मसौदे को तुरंत हरी झंडी दिखा दी है।
भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल था ट्रिपल तलाक का मुद्दा-
यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में ट्रिपल तलाक की कुप्रथा से महिलाओं को आजादी दिलाने की बात कही थी। वहीं सीएम को रूप में शपथ लेने के बाद योगी आदित्यनाथ ने ट्रिपल तलाक को लेकर जल्द ही कानून बनाने की वकालत की थी। अब सुप्रीम कोर्ट से ट्रिपल तलाक को गैर कानूनी ठहराने के बाद, योगी सरकार ने बिना किसी विलंब के अपना फैसला सुना दिया है। सीएम योगी ने बिना किसी संशोधन के इस मसौदे पर सहमति दे दी है।
कैबिनेट बैठक में क्या बात हुई-
मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह कहा गया कि सरकार मुस्लिम महिलाओं को बराबरी का हक देने की हिमायती है, लेकिन किसी तरह का भेदभाव मंजूर नहीं होगा। यही वजह है कि सरकार ने ट्रिपल तलाक पर कड़े कानून बनाने और 3 साल की जेल को मंजूरी दी है।
शीतकालीन सत्र में 3 तलाक पर होगा विधेयक पास-
संसद के होने वाले शीतकालीन सत्र में तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार विधेयक लाने की योजना बना रही है। सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि सरकार तीन तलाक पर कानून की रूपरेखा तैयार करने और इसके कई उलझाव वाले बिंदुओं पर कार्य करने के लिए मंत्रियों का एक समूह बनाएगी।