सीएम योगी का बयान, कुख्यात डॉन मुन्ना बजरंगी की जेल परिसर के अंदर हत्या एक गंभीर बात, जाँच के दिए आदेश
लखनऊ. कुख्यात डॉन प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई है। हत्या के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। बता दें कि मुन्ना बजरंगी को रविवार झांसी जेल से बागपत लाया गया था। कल रात मुन्ना बजरंगी को झांसी जेल से बागपत जेल ट्रांसफर किया गया था। आज ही बागपत में रेलवे से जुड़े एक मामले में सुनवाई थी। जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद प्रशासन पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। इस पूरे मामले को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान भी आया है उन्होंने कहा कि जेल परिसर के अंदर ऐसी घटना एक गंभीर बात है और इसकी जांच की जाएगी। इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस हत्या के बाद के बाद जेलर को निलंबित कर दिया गया और इसकी न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
बता दें कि मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सीएम योगी आदित्यनाथ को पति की हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन फिर भी सरकार नहीं चेती। पत्नी ने कहा था कि झांसी जेल में बंद माफिया मुन्ना बजरंगी का एनकाउंटर करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। एसटीएफ में तैनात एक अधिकारी के इशारे पर ऐसा हो रहा है। इस अफसर के कहने पर ही जेल में बजरंगी को खाने में जहर देने की कोशिश तक की गई। इसके अलावा उन्होंने ढाई साल पहले विकासनगर में पुष्पजीत सिंह व गोमतीनगर में हुए तारिक हत्याकांड में शामिल शूटरों को सत्ता व पुलिस अधिकारियों का संरक्षण मिलने का आरोप भी मढ़ा था। सीमा का आरोप था कि पति की हत्या की जेल में साजिश रची गई थी। नौ मार्च को एसटीएफ कानपुर में तैनात इंस्पेक्टर घनश्याम यादव झांसी जेल गए थे। उन्होंने कैदी कमलेश से मुलाकात की थी जिसकी तस्वीरें जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं। सीमा का आरोप है कि घनश्याम ने कैदी को बजरंगी के खाने में जहर मिला कर उसकी हत्या करने के लिए कहा था। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है।
मुन्ना बजरंगी के परिजनों का कहना हैं कि पत्नी सीमा के कहने पर भी सरकार लापरवाही की। इससे लगता है कि हत्या भाजपा के बड़े नेता ने करवाई है।