सीएम योगी ने मनरेगा अभिसरण कार्यशाला का किया उद्घाटन, कहा- किसी ने किसानों की आय दोगुनी करने की नहीं सोची
लखनऊ. गुरुवार को उत्तर प्रदेश सहित देश के आठ राज्यों में कृषि एवं मनरेगा अभिशरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की आय दोगनी करना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि किसानों को लेकर सरकार काफी गंभीर है। किसानों का विकास होगा तभी देश का विकास होगा। देश की खुशहाली का रास्ता किसान है। उन्होंने कहा कि चार जगहों पर कार्यशाला करवाई जाएगी। पहली कार्यशाला लखनऊ में की गई।
बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ मनरेगा अभिशरण कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए हैं। वहीं सीएम योगी के ग्रामविकास मंत्री डॉ महेंद्र सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद हैं। ये कार्यशाला देश के 8 राज्यों में आयोजित हुई हैं।
जागरूकता की है कमी
सीएम योगी ने कहा कि मनरेगा में संसोधन कर के किसानों की आय दोगनी करने का महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि आज इस कार्यशाला में जो सुझाव आएंगे, इस पर भारत सरकार देखेगी की कैसे महत्वपूर्व कदम उठा। शासन की मंशा होती है कि कैसे लोगों को लाभ पहुंचाये। तमाम योजनाएं होने के बाद भी किसान परेशान होता है। इसके पीछे जागरूकता की कमी है। उन्होंने कहा कि पहले योजनाएं चली लेकिन इसका लाभ नहीं मिलता था। मनरेगा की राशि से हम बड़ा परिवर्तन ला सकते है।
किसानों के लिए सरकार ने उठाया एतिहासिक कदम
उन्होंने कहा कि 2016 में पीएम आवास बहुत कम बन पाए और जब हमारी सरकार आई तो 8 लाख 85 हजार लोगों को आवास दिया गया। साथ ही मनरेगा के तहत लोगों को 12 हजार शौचालय राशि दी गई। 1 लाख 20 हजार पीएम योजना के तहत दिए गए। जहा जागरूकता नहीं थी वहां इसका लाभ लोगों को नहीं मिल सका। शासन ने रुचि दिखाई तो इसका लाभ मिला। उन्होंने कहा कि सरकार ने एतिहासिक कदम उठाये। किसी ने किसानों की आय दोगुनी करने की नहीं सोची। 260 योजनाएं ऐसी हैं, जिन्हें मनरेगा के अंतर्गत किया जा सकता है। इनमें 193 सामुदायिक हैं और 67 योजनाओं को व्यक्तिगत रूप से मनरेगा से जोड़कर किसानों को लाभान्वित किया जा सकता है।
कार्यशाला में शामिल हुए ये विभाग
वमें विभाग, लघु सिंचाई, आईडब्ल्यूएमपी, कृषि, उद्यान, रेशम, कृषि रक्षा, मत्स्य, भूमि संरक्षण, नाबार्ड, विद्युत विभाग, आईडब्ल्यूएमपी, भूमि विकास एवं जल संसाधन, पशुपालन, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी व बैंक विशेषज्ञ भाग ले रहे है।