CM Yogi : बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों को तत्काल सर्वे, मुआवजा वितरण और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
CM Yogi Orders Immediate Crop Damage Survey: प्रदेश में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रबी फसलों के कटाई के समय हुई इस बारिश से कई जिलों में गेहूं, सरसों और दलहन फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने तत्काल एक्शन लेते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फसलों के नुकसान का तत्काल और सटीक आकलन किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत प्रदान की जा सके।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का त्वरित सर्वे कराएं। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से यह निर्देश दिया गया है कि खेतों में जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए, न कि केवल कागजी औपचारिकताओं के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जिन किसानों को वास्तव में नुकसान हुआ है, उन्हें ही सहायता का लाभ मिले।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मुआवजा वितरण में किसी भी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि समयबद्ध तरीके से भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसान अपनी अगली फसल की तैयारी कर सकें। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मुआवजा वितरण पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की शिकायत नहीं आनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे स्वयं फील्ड में उतरकर स्थिति का जायजा लें। उन्होंने कहा कि केवल रिपोर्ट के भरोसे न रहें, बल्कि मौके पर जाकर किसानों से सीधे संवाद करें और उनकी समस्याओं को समझें। यह कदम प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही बढ़ाने और राहत कार्यों की गति तेज करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सर्वे कार्य पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया जाए। इसके लिए राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों को लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सर्वे रिपोर्ट को समयबद्ध तरीके से शासन को भेजा जाए।
राहत कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए राहत आयुक्त को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी जिलों के साथ सीधा समन्वय बनाकर रखें और यह सुनिश्चित करें कि राहत कार्यों में कोई बाधा न आए। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी होने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
सरकार ने मुआवजा वितरण के लिए समयबद्ध और पारदर्शी प्रणाली अपनाने पर जोर दिया है। इसके तहत डिजिटल माध्यमों से सीधे किसानों के बैंक खातों में धनराशि भेजने की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे न केवल प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना भी कम होगी।
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ काम करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को राहत पहुंचाने में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए और हर स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने दोहराया कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और सरकार उनकी हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रहती है और आगे भी रहेगी।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर गेहूं की फसल गिर गई है, जबकि सरसों और अन्य फसलों पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने सभी जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है और संबंधित विभागों को सक्रिय कर दिया गया है।